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फेसबुक पर नगर निगम फ्लाप

Wed, 26 Mar 2014 12:01 AM IST
अमर उजाला, पानीपत
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पानीपत। सोशल मीडिया से आम आदमी और प्रशासन को जोड़ने के लिए पानीपत नगर निगम ने करीब एक माह पहले फेस बुक के जरिये की पहल को रिस्पांस नहीं मिल रहा।
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एक माह की अवधि में नगर निगम के फेस बुक पेज पर सिर्फ सात शिकायतें आई हैं। सभी सफाई की समस्या से संबंधित हैं। वहीं लोगाें का कहना है कि शहर में पानी निकासी, सफाई, टूटी गलियां और सड़कें किसी से छिपी नहीं हैं। उनका कहना है कि फेस बुक पेज की शुरूआत एक अच्छी पहल है मगर सार्वजनिक तौर पर दिखाई दे रही समस्याआें का ही समाधान नहीं हो रहा तो ऐसे में फेस बुक पेज में रुचि लेने क्या फायदा।

डीसी अजीत बाला जोशी ने 19 फरवरी को नगर निगम के फेस बुक पेज का शुभारंभ किया था। इसे जारी करते हुए उन्हाेंने कहा था कि इस पेज के माध्यम से आम आदमी कॉलोनी, वार्ड या गली की सफाई से संबंधित समस्या फेस बुक तक पहुंचा सकता है।
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इससे समय की बचत होगी और अधिकारियों को चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे। इस मौके पर उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी नगर निगम के अधिकारियों और खासकर मुख्य सफाई निरीक्षक को सख्त आदेश दिए गए हैं कि सफाई से जुड़ी समस्या का तुरंत निदान करें।

जोशी ने भी माना कि शहर में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। जहां-जहां भी नालियां भरी पड़ी या गंदगी अटी हैं तो कोई भी व्यक्ति उसकी फोटो खींचकर उसे पूरी लोकेशन के साथ नगर निगम के फेस बुक पेज पर डाल सकते हैं। उन्होंने अनुरोध किया कि ठीक होने के बाद भी वे फोटो डालें।

निगम से मिली जानकारी के अनुसार एक माह में फेस बुक पेज पर सात शिकायतें ही मिली हैं। सभी सफाई से संबंधित हैं। वहीं मुख्य सफाई निरीक्षक सुधीर कुमार उनके पास आने वाली सभी समस्याआें के निपटान का दावा करते हैं।

ओल्ड हाउसिंग बोर्ड में अरसे से सफाई की समस्या है। उन्हाेंने निगम के फेस बुक पेज पर समस्या और फोटो अटैच करना चाहा मगर तमाम प्रयास के बाद भी वह उसे ऑपरेट नहीं कर पाई। बाद में डीसी को लिखित में समस्या भेजी पर समाधान नहीं हुआ। जब अधिकारी को शिकायत देने के बाद भी हल नहीं होता तो फेस बुक पेज की क्या अहमियत होगी।
डा. स्वतंत्र जैन, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, केयू

ओल्ड हाउसिंग बोर्ड की गलियों में गंदगी और गोबर के ढेर हैं। इस बारे में अधिकारियाें और पार्षदों को अनेक बार शिकायत की जा चुकी है। जब खुली आंखाें से ही अधिकारियाें को गंदगी नजर नहीं आती तो ऐसे में फेस बुक का क्या औचित्य है।
सारिका, गृहिणी

नगर निगम के फेस बुक पेज की शुरूआत एक अच्छी पहल है। मगर जब तक निगम के निरंकुश अधिकारी अपने काम को लेकर गंभीर नहीं होते तब तक जनता को इस का फायदा नहीं होने वाला। शहर में कई स्थानाें पर गंदगी देखी जा सकती है। निगम के अधिकारियों को जब वह गंदगी ही नहीं दिखती तो फेस बुक की शिकायत कैसे दिखाई देगी।
बिजेंद्र सचदेवा, कारोबारी

टेक्सटाइल नगरी पानीपत गंदगी के ढेर में तबदील होता जा रहा है। इस समस्या को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। फेस बुक की शुरूआत अच्छी है मगर सभी इसे यूज नहीं कर सकते हैं। ऐसे में निगम में लिखित और मौखिक में आनी वाली शिकायताें का निपटान हो तो लोगाें को राहत मिलेगी।
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नरेंद्र नरुला, उद्यमी

नगर निगम के फेस बुक के पेज की शुरूआत लोगाें की सुविधा के लिए की गई थी। किसी वजह से फेस बुक पर शिकायत अटैच नहीं होती तो टोल फ्री नंबर 1077 पर शिकायत कर सकते हैं। फिलहाल चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त है। इससे निपटने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था को खुद देखेंगे।
अजीत बालाजी जोशी, नगर निगम आयुक्त और डीसी
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