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Panipat News: मां ने सात बजे फोन कर लिया था हालचाल, चार घंटे बाद बेटे की मौत की सूचना पर हुई बेहोश

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पानीपत। विकास नगर में रात करीब साढ़े 11 बजे हुए हादसे से पहले नैनीताल बहन के पास गई मां लक्ष्मी ने शाम सात बजे अपने दोनों बेटों से फोन पर बात कर हाल चाल लिया था। बेटों ने कहा था कि वह अब काम पर जाने लगे हैं। घर में रुपये भी कमाकर ला रहे हैं। आप आ जाओ। मां ने जल्द ही लौटने की बात कहकर फोन काट दिया और सो गई। रात करीब साढे़ 11 बजे के बीच उन्हें घर में आग लगने की सूचना मिली। अचानक बेटे की मौत का धक्का न लगे, इसलिए बड़ी बेटी मीना ने उन्हें राजू की मौत की सूचना नहीं दी। सिर्फ घर चलने के लिए कहा, लेकिन मां ने आधे रास्ते में अपने छोटे बेटे से महेश से बात की तो राजू की मौत की सूचना पाकर वह बेसुध हो गई। परिजनों ने मुंह पर पानी के छींटे डाले, तब वह होश में आई। वह रात साढ़े 12 बजे नैनीताल से फ्लाइट में सुबह करीब आठ बजे दिल्ली पहुंचे और 10 बजे पानीपत आए। उनके आने के बाद सेक्टर 29 पुलिस ने पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
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छोटे भाई महेश ने बताया कि वे शाम पांच बजे काम से घर लौटे थे। घर आने के बाद उन्होंने सबसे पहले मकान की सफाई की। उनको इस काम में काफी देर हो गई। खाना बनाने लगे तो सिलिंडर खत्म मिला। इसके बाद उन्होंने तरकीब लगाकर तीन तरफ ईंट रखकर चूल्हा बनाया और उस पर चाय बनाकर बिस्किट खाकर लेट गए। बड़े भाई के पास फोन नहीं था, इसलिए वह दोनों भाई गैलरी में चारपाई डालकर लेट गए और फोन देखने लगे। वह फोन देखते-देखते सो गया, धुएं से अचानक दम घुटने लगा तो वह उठकर बाहर की तरफ भागा। उसने देखा कि राजू नहीं था। अंदर जाकर देखा तो चारपाई पर राजू नहीं था, वह कमरे में फंसा था और कमरे में आग लगी हुई थी, सिर्फ एक बार चिल्लाने की आवाज आई, उसके बाद बंद हो गई।
एक महिला पड़ोसी ने बताया कि वह सो रहे थे। इसी समय बचाओ-बचाओ की आवाज सुनाई दी। वह बाहर निकले तो देखा महेश शोर मचा रहा था। उसके मकान से धुआं निकल रहा था। उन्होंने गेट से अंदर घुसने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हो पाई। इसके बाद मकान में बनी एक दुकान का शटर तोड़कर पड़ोसी अंदर घुसे और सबमर्सिबल की मदद से आग पर काबू पाया।
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कमरे में रखा बेड, अलमारी, फ्रिज कपड़े जलकर राख हो गए। यहां तक कि दीवार पर लटका लकड़ी का बना मंदिर भी जल गया। इस पर कुछ सिक्के पड़े थे। कमरे में रखे जरूरी दस्तावेज और कुछ रुपये भी जलकर नष्ट हो गए।
मां लक्ष्मी ने बताया कि उसके पांच बच्चे हैं। तीन बेटियां सोनिया, राधा और मीना हैं। जबकि दो बेटे राजू और महेश हैं। लक्ष्मी ने बताया कि उसके पति की चार साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। वह 20 दिन पहले अपनी छोटी बेटी सोनिया के साथ बड़ी बेटी मीना के घर जेठ के साले की शादी में शामिल होने नैनीताल के झांझा गांव गई थी। उनकी रोज फोन पर बातचीत हो जाती थी।
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