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Panipat News: सत्य के मार्ग पर चलने और करुणा का दिया संदेश

Tue, 18 Aug 2026 02:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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मतलौडा में प्रवचन सुनते श्रावक। स्रोत : सभा
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संवाद न्यूज एजेंसी
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पानीपत। चातुर्मास में सोमवार को जैन मुनियों ने सत्य के मार्ग पर चलने, आत्मा की गहराई को अनुभव करने और मानवीय करुणा का संदेश दिया। जिले में शहर समेत पांच स्थानों पर जैन मुनियों के प्रवचन चल रहे हैं। राजाखेड़ी गांव में रमण गुरनीजी महाराज, अग्रवाल मंडी में मनोज मुनि महाराज और गांधी मंडी में राजेश व राजेंद्र मुनि महाराज ने प्रवचन किए। कार्यक्रम सुबह आठ से नौ बजे तक चल रहे हैं।
एसएम जैन सभा अग्रवाल मंडी में मनोज मुनि ने सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति को शुरुआत में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन अंततः उसे सत्य की प्राप्ति होती है। सत्यवादी व्यक्ति भगवान के दरबार में निर्भय होकर जाता है, जबकि झूठ बोलने वाला घबराता है। इसलिए जीवन में सत्य को अपनाना चाहिए।
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जैन स्थानक गांधी मंडी में डॉ. राजेंद्र मुनि महाराज और राजेश मुनि महाराज ने व्यक्ति की जिंदगी के मशीनीकरण और मानवीय करुणा पर प्रवचन दिए। राजेंद्र मुनि ने कहा कि आज इंसान की जिंदगी मशीन जैसी हो गई है। वह सुबह से शाम तक एक जैसी दिनचर्या में लगा रहता है। इसलिए स्वयं और परिवार के लिए समय निकालना चाहिए और कुछ समय प्रभु के स्मरण में भी बिताना चाहिए।
एसएस जैन सभा राजाखेड़ी में रमण गुरनीजी महाराज ने कहा कि आत्मा की गहराई को अनुभव करने, अपने पापों को पहचानने और धर्म के वास्तविक अर्थ को समझने का प्रयास करना चाहिए। आत्मा साधारण सत्ता नहीं, बल्कि आनंद, ज्ञान और शक्ति का स्वरूप है। इसलिए आत्मचिंतन करें और पाप कर्मों से बचें।
एसएस जैन सभा मतलौडा में नरेंद्र मुनि महाराज ने कहा कि समाज पश्चिमी सभ्यता की तरफ बढ़ रहा है और अपनी स्वदेशी चीजों के बजाय विदेशी वस्तुएं अधिक प्रिय लग रही हैं, यह गलत है।
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एसएस जैन सभा मतलौडा में चातुर्मास पर सोमवार को विशेष धार्मिक व आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नरेंद्र मुनि महाराज ने कहा कि हमारा समाज आज पश्चिमी सभ्यता की तरफ तेजी से बढ़ रहा है और हमें अपनी स्वदेशी चीजों के बजाय विदेशी वस्तुएं अधिक प्रिय लग रही हैं। हमारे पारंपरिक संस्कार धीरे-धीरे कम होते जा रहे हैं। जिस पर चिंतन करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने देश के अमर बलिदानियों की शहादत को याद दिलाते हुए कहा कि हमें उन वीरों की कुर्बानी को नहीं भूलना चाहिए। देश के ऋषि-मुनि सदैव योग को प्राथमिकता देते थे। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित गोल्डन सोनू जैन द्वारा योगाचार्य विक्रम के सानिध्य में योग शिविर का संचालन कराया।
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