पानीपत। बहन की गोद से अपहृत बच्चे को पुलिस ने 30 घंटे बाद 320 किमी दूर एटा जिले के करथला गांव से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपियों सलमान व आजाद निवासी कासगंज और मुकेश निवासी करथला गांव जिला एटा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने अपहरण करने के बाद बच्चे को बेच दिया था। उधर, पुलिस ने आरोपियों की तलाश में 120 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज के खंगाले। जिसके बाद आरोपियों का इनपुट मिला। बुधवार को पुलिस प्रेसवार्ता कर पूरे प्रकरण का खुलासा करेगी।
सोमवार को चांदनी बाग थाना क्षेत्र के काला आंब रोड पर झुग्गी झोपड़ी में रह रहे सुंदर के बच्चे का अपहरण हुआ था। दोपहर को सुंदर की छह साल की बेटी अपने सात माह के भाई मनसूब को गोद में लेकर खेल रही थी। उसी समय मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो युवक आए और बच्ची को कुरकुरे देने का झांसा देकर उसकी गोद से बच्चे को छीनकर ले गए। एसपी ने सीआईए की टीमों बच्चे की तलाश करने के लिए लगाया था।
सीआईए-2 की टीम ने काला आंब रोड पर पड़ने वाले गांव राजाखेड़ी, बबैल, निंबरी के आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। किसी भी गांव में आरोपी घुसते हुए नजर नहीं आए। इसके बाद पुलिस टीम ने सनौली रोड से राजाखेड़ी जाने वाली सड़क पर लगे सीसीटीवी कैमरे देखे। एक स्थान पर पुलिस को मोटरसाइकिल आती हुई दिखाई दी जिसका पीछा करते हुए पुलिस को आरोपियों का इनपुट मिला कि आरोपी यूपी के एटा जिले की ओर गए हैं।
320 किमी दूर एटा जिले में मिला बच्चा
इनपुट के आधार पर सीआईए-2 की टीम एटा जिले में पहुंची। जहां से पुलिस ने अपहरण के आरोपी सलमान और आजाद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने बेचने के लिए बच्चे का अपहरण किया था। इसके बाद पुलिस ने बच्चे के बारे में जानकारी की तो बच्चा मुकेश के पास मिला। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मुकेश ने ही बच्चे को खरीदा था। हालांकि अभी पुलिस आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही है। बुधवार को पुलिस घटनाक्रम का खुलासा करेगी।
भाई को पाकर चमक उठी बहन की आंखें
उधर, मनसूब के अपहरण के बाद से ही परिजन उसकी वापसी की आशा लगाए बैठे थे। मंगलवार शाम को जब सुंदर के पास फोन पहुंचा कि उनका बच्चा मिल गया है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह तुरंत पत्नी और छह साल की बेटी व अन्य परिजनों के साथ थाने पर पहुंच गए। पुलिस ने बच्चे को मां और बहन की गोद के सौंपा तो उनकी आंखों में चमक आ गई। बेटे को छाती से लगाकर मां की आंखें नम हो गईं। सुंदर ने बताया कि उनकी बेटी ने दोपहर के बाद से ही खाना तक नहीं खाया था वह बार-बार सड़क पर आने-जाने वाली मोटरसाइकिलों को देखती रहती थी।