टीडीआई सेक्टर-23 में थड़ा तोड़ते हुए। संवाद
पानीपत। जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) को सेक्टर-23 स्थित महेश फार्म (टीडीआई) में स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। विभाग की टीम ने कॉलोनी में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा रिहायशी प्लॉटों के लिए लागू स्टिल्ट+4 फ्लोर पॉलिसी पर रोक लगाने के बाद मंगलवार को कार्रवाई करने पहुंची थी।
टीम ने सेक्टर-23 स्थित महेश फार्म (टीडीआई) के साथ एड्रेस इंफ्रास्ट्रक्चर और सेक्टर-40 स्थित एंपोरियम डेवलपर में आंतरिक सड़कों के रोड पर किए कब्जों को तोड़ा है। यहां लॉन, और बाउंड्री वॉल बनाकर अतिक्रमण किया गया था। इस दौरान आरडब्ल्यूए के प्रधान एवं करनाल विधायक जगमोहन आनंद के समधी विक्की कत्याल और उनके चार भाइयों सहित करीब 50 लोगों के थड़े और हरित क्षेत्र को तोड़ दिया। डीटीपी ने कार्रवाई के दौरान शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का 10वां फोन उठाया। इसके बाद भी कार्रवाई जारी रखी तो स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। विभाग की तीन घंटे तक कार्रवाई जारी रही। जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) ने मंगलवार को डीटीपी सुमित मलिक की अगुवाई में टीम ने मंगलवार सुबह साढ़े 11 बजे टीडीआई में कार्रवाई शुरू की। स्थानीय लोगों ने टीम का विरोध किया तो अधिकारियों ने हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई करना बताया। टीम ने एक के बाद 50 घरों के थड़े तोड़े। आरडब्ल्यूए के प्रधान विक्की कत्याल सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से बात की और कार्रवाई को गलत बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह कार्रवाई नहीं की जा सकती। वे आरडब्ल्यूए के प्रधान हैं। अधिकारियों को उनकी जानकारी में मामला लाना चाहिए था। डीटीपी को उनको नोटिस दिया जाना चाहिए। डीटीपी सुमित मलिक ने बताया कि वे टीडीआई को नोटिस दे चुके हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि उनको कोई नोटिस नहीं मिला। इसके बाद स्थानीय निगम पार्षद के बेटे आशु शर्मा पहुंचे। स्थानीय लोगों ने विरोध में हंगामा शुरू कर दिया। विक्की कत्याल ने शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा को फोन किया। शिक्षा मंत्री ने नौ बार डीटीपी को फोन किया। उनसे दसवीं बार बात हुई। शिक्षा मंत्री ने डीटीपी को नियमों से हटकर किसी पर कार्रवाई न करने के आदेश दिए। डीटीपी ने रिपोर्ट रखी और लोगों को चार दिन में खुद रैंप हटाने के आदेश दिए।
विरोध हुआ तो विभाग ने की अपील : टीडीआई में अधिकारियों की कार्रवाई का विरोध हुआ तो जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) ने कॉलोनाइजर, डेवलपर, प्लॉट व फ्लोर मालिक, और रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों से अपील की है कि वे स्वयं आगे आकर अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाएं। उल्लंघन मिला तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।