पानीपत। सरकारी डॉक्टरों व स्टाफ को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमित शवों को शवगृह में नहीं रखने का फैसला किया है। इस संबंध में अधिसूचना भी जारी हो गई है। अब जिन निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत होगी. उन्हें अपने शव गृह में ही शवों को रखना होगा। निजी अस्पताल ही शवों को कोविड गाइडलाइन के तहत पैक कराकर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए देंगे।
अगर किसी मरीज की घर पर मौत होती है तो उस संबंध में भी स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी निर्धारित नहीं है। परिजनों को जन सेवा दल की मदद से शिवपुरी में कोविड गाइडलाइन के अनुसार अंतिम संस्कार करना होगा। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादियान ने इस संबंध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को निर्देश जारी कर दिए हैं।
कोरोना से मरने वालों के शवों का नहीं होता पोस्टमार्टम
स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की पहली लहर में ही ये निर्देश जारी कर दिए थे कि कोरोना से मरने वालों के शवों का पोस्टमार्टम नहीं होगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसी मत को सरकार के समक्ष पेश किया था। स्वास्थ्य विभाग का मत था कि जब शवों का पोस्टमार्टम नहीं होना तो शवों को सिविल अस्पताल के शवगृह में क्यों रखा जाए। यहां शवों को रखने से अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ पर कोरोना संक्रमण का खतरा होता है।
अधिकतर निजी अस्पतालों के पास नहीं शवगृह
पानीपत में 155 निजी अस्पताल हैं। पांच निजी अस्पतालों की क्षमता 50 से अधिक बेड की है। पानीपत के एक निजी अस्पताल को छोड़ दें तो और किसी अस्पताल के पास शवों के लिए शवगृह की सुविधा नहीं है। ऐसे में निजी अस्पतालों के लिए भी शवों को रखना बड़ी चुनौती है।
रात को ही करना पड़ा था युवती का अंतिम संस्कार
शुक्रवार को शहर में एक 24 वर्षीय युवती की कोरोना से मौत हो गई थी। निजी अस्पताल ने शव को यहां से ले जाने को कहा। परिजन शव को सिविल अस्पताल में ले गए, यहां डॉक्टरों ने शव को शवगृह में रखने से मना कर दिया। परिजनों के सामने शव को रखने की परेशानी खड़ी हो गई थी तो उन्होंने रात में इस संबंध में जन सेवा दल को सूचित किया। जन सेवा दल के सदस्यों को रात में ही शव का अंतिम संस्कार करना पड़ा।
जिस अस्पताल में मरीज की मौत होगी, उनकी ही जिम्मेदारी
जिस अस्पताल में मरीज की मौत होगी उसकी ही जिम्मेदारी है कि वो शव को अपने अस्पताल में रखें। शवों का कोविड गाइडलाइन के अनुसार अंतिम संस्कार करवाए। इस संबंध में सिविल सर्जन की ओर से निजी अस्पतालों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ सिविल अस्पताल