पानीपत। प्रशासन ने शहर में जाम के नाम पर तीन साल पहले शहर के बीचोंबीच स्थित बस स्टैंड को सिवाह गांव में शुरू कर दिया। इसके बाद जीटी रोड टोल प्लाजा और असंध रोड पुलिस नाका पर दो नए बस स्टॉप बन गए। अधिकारियों के साथ सरकार ने भी यात्रियों को बेहतर सुविधा का दावा किया। जीटी रोड टोल प्लाजा पर पहले अति आधुनिक बस स्टॉप बनाने का फैसला लिया। यह काम भी प्रोजेक्ट में अटक गया। यहां करनाल-दिल्ली लेन पर सुविधा के नाम एक छोटा सा बस क्यू शेल्टर है। इसकी दूसरी तरफ यह भी नहीं बन पाया। शहर में आने वाले यात्रियों के साथ हिसार और जींद के यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। असंध नाके के पास तो बस क्यू शेल्टर का प्रस्ताव तक नहीं बन पाया है। तीन साल बाद आज भी यात्रियों को गर्मी, सर्दी और बारिश के मौसम में खुले में ही खड़ा होने को मजबूर हैं।
वीरवार को 44 डिग्री तापमान में टोल प्लाजा और असंध नाका स्थित अस्थायी बस स्टॉप की ग्राउंड रिपोर्ट की तो यात्रियों का दर्द सामने आया। अमर उजाला टीम दोपहर बाद दो बजे जीटी रोड टोल प्लाजा पर पहुंची। पानीपत-करनाल लेन पर सड़क किनारे एक छोटे से पेड़ के सहारे यात्री बसों का इंतजार करते मिले। बाकी कुछ बसों के इंतजार में अपने सिर पर कपड़ा रख बसों के आने का इंतजार करते मिले। इसी तरह पानीपत-दिल्ली लेन पर यात्रियों की स्थिति बनी। बस क्यू शेल्टर में एक या दो ही यात्री मिले। बाकी खुले आसमां के नीचे बसों का इंतजार करते मिले।
यात्री बोले सुविधा के नाम पर कुछ नहीं
मॉडल टाउन की आरती ने बताया कि वे चंडीगढ़ से एसी बस में पानीपत आई। यहां बस से उतरते ही 43 डिग्री तापमान में खुले आसमां के नीचे खड़ा होना पड़ा। सिटी बस सर्विस के लिए पांच मिनट इंतजार करना भी मुश्किल हो गया। उनको ऑटो का सहारा लेना पड़ा। तहसील कैंप के अशोक ने बताया कि टोल प्लाजा पर यात्रियों की सुविधा की तरफ कोई ध्यान नहीं है। यात्रियों को सर्दी, गर्मी और बारिश का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह असंध रोड नाके पर हिसार व जींद के यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अजमेर ने बताया कि असंध नाके के पास यात्रियों को छाते तक का सहारा नहीं है। ऐसे में धूप में खड़ा हो पाना मुश्किल हो जाता है।
दो में से कोई भी प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ा
नगर निगम ने जीटी रोड टोल प्लाजा पर बस स्टॉप बनाने का प्रस्ताव बनाया था। शहरी विधायक प्रमोद विज ने उस समय अधिकारियों के साथ दौरा भी किया था। अधिकारियों ने तब जल्द ही यात्रियों को सुविधा देने का दावा किया था। इसके बाद एलिवेटेड बस स्टॉफ की मांग उठी। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में तीन बार यह विषय उठ चुका है। इसमें पुराना बस स्टैंड के ऊपर एलिवेटेड बस स्टॉप बनाया जाना है। यह प्रस्ताव भी सिरे नहीं चढ़ पाया है।
सिवाह गांव में बस स्टैंड बनने के बाद चालू करना जरूरी था। बसों के एलिवेटेड हाईवे से शुरू करने के बाद शहर में जीटी रोड पर जाम काफी कम हुआ है। टोल प्लाजा और असंध नाके पर यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज जीएम से बात की जाएगी। यात्रियों को हर संभव सुविधा दी जाएगी।
डाॅ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।
जीटी रोड टोल टैक्स पर बस से उतरते यात्री। संवाद
जीटी रोड टोल टैक्स पर बस से उतरते यात्री। संवाद