समालखा। चुलकाना व नेस्ले पुल के बीच ट्रेन के आगे कूदकर जान देने वाली युवती एनजीओ में सामाजिक कार्यकर्ता थी। उसने अज्ञात कारणों से ट्रेन के आगे कूदकर जान दी है। अब तक कारण स्पष्ट नहीं हुए। युवती 10 दिन की छुट्टी पर घर गई थी। वहां से लौटने के बाद उसने यह कदम उठाया। जीआरपी मामले की विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है।
दिल्ली के पांडू नगर निवासी लक्ष्मी (24) एमए पास थी। वह डेढ़ साल से पट्टीकल्याणा गांव स्थित एनजीओ में डेढ़ साल से बतौर सामाजिक कार्यकर्ता काम करती थी। वह आठ फरवरी को 10 दिन की छुट्टी लेकर घर चली गई थी। वह 18 फरवरी को वापस पानीपत आई थी। बुधवार सुबह उसने चुलकाना व नेस्ले पुल के बीच डाउन लाइन पर ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी थी। बेटी की मौत की सूचना पर परिजन जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचे। यहां परिजनों ने जमकर हंगामा किया और एनजीओ पर उन्हें देरी से सूचना देने के आरोप लगाए। मृतका लक्ष्मी की मां व बहनें रोते रोते कई बार बेसुध हुईं। समालखा जीआरपी ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।