किसानों के विरोध के बाद डिप्टी सीएम के आने पर जिला प्रशासन ने सचिवालय के जीटी रोड से लगते मेन गेट को बंद कर दिया। वहीं, दूसरे गेटों पर भी भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा, किसानों के सचिवालय में प्रवेेश को रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए थे। इसके बाद सचिवालय के मुख्य एंट्री गेट को भी बंद कर दिया गया। यहां भी पुलिस कर्मी मौजूद रहे। सचिवालय के दूसरे तल के सभागार में चल रही बैठक के भी दोनों दरवाजों पर पुलिस मौजूद रही। यहां भी सबकी एंट्री पर बैन लगाया गया था, केवल प्रशासनिक अधिकारियों व शिकायत कर्ताओं को भी अंदर जाने की अनुमति थी। कुल मिलाकर तीन बंद दरवाजों और उनके सामने खड़े पुलिस प्रशासन की सुरक्षा के बीच जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक संपन्न हो पाई।
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के सामने कुल 16 शिकायतें रखी गई जिनमें से 7 का मौके पर ही निपटारा किया गया। इनमें से बाकी की 9 शिकायतों को अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया है। इन कुल 16 शिकायतों में 6 शिकायतें पिछली बार से लंबित रही, जबकि इस दौरान 7 नई शिकायतों को शामिल किया गया। इसके अलावा 3 शिकायतों को सीएम विंडो से लिया गया है। बैठक पूरी होने के बाद डिप्टी सीएम ने सदन छोड़ते समय करीब 12 अन्य शिकायतों को सुनते हुए इनके समाधान के निर्देश जिला प्रशासनिक अधिकारियों को दिए हैं।
पहली लंबित शिकायत सुनीता निवासी विद्यानंद कॉलोनी की थी। जिसमें उनकी स्वयं की इच्छा से नार्को टेस्ट करवाने के लिए अनुमति दिलवाने की बात की गई है।
दूसरी लंबित शिकायत राजकुमार निवासी अनाज मंडी मडलौडा की पैसों के लेनदेन से संबंधित थी। अब इसका मामला हाईकोर्ट में जाने के कारण इसे बैठक से निरस्त कर दिया गया।
तीसरी नई शिकायत दीपा पत्नी सतीश निवासी सिवाह की थी। इसमें प्रार्थी को बार एसोसिएशन की ओर से कानूनी सहायता उपलब्ध करवाने और महिला डीएसपी के माध्यम से इस मामले में हस्तक्षेप करने के निर्देश दिए गए हैं। चौथी नई शिकायत संदीप पुत्र मेहरचंद निवासी गांव काबड़ी की गई थी, जिसमें प्रार्थी स्वयं दोषी होने को लेकर जेल में बंद होना बताया गया। जिस पर उन्होंने इसको बैठक से निरस्त करने के निर्देश दिए। पांचवीं नई शिकायत सरोज पत्नी सतीश गांव बिंझौल द्वारा की थी। जिसमें शिकायतकर्ता ने उसके पति के दो माह से गुम होने की बात रखी, इसे अगली बैठक के लिए लंबित रख लिया गया। छठी शिकायत सीएम विंडो पर सुरेंद्र द्वारा की सीमेंट के गोदाम से धूल उड़ने और शोर शराबे की दी गई थी। जिस पर उपमुख्यमंत्री ने निगमायुक्त को औचक निरीक्षण कर इसका समाधान करने के निर्देश दिए। सातवीं लंबित शिकायत रविंद्र गोयल की आपसी लेनदेन की थी, इसमें उपमुख्यमंत्री ने डीईटीसी और एसपी कार्यालय के इकोनोमिक सेल के इंचार्ज की कमेटी बनाकर इस पर अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। आठवीं लंबित शिकायत राजेश निवासी गांव जोशी की थी। यह शिकायत नाजायज कब्जा हटवाने को लेकर थी। शिकायतकर्ता के मौजूद ना होने पर इसको लंबित रखा गया।
नौंवी लंबित शिकायत गांव खौतपुरा और चंदौली की रेत की खानों द्वारा प्रदूषण फैलाने को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित थी। इस उपमुख्यमंत्री ने इस शिकायत में एक सप्ताह तक रिपोर्ट करने के निर्देश दिए।
दसवीं नई शिकायत सुमनलता निवासी गांव मांडी द्वारा श्रम विभाग द्वारा औजारों की स्कीम के लिए किए गए आवेदन को लेकर थी।
इसका समाधान कर दिया गया था लेकिन औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा इसका संतुष्टि पूर्वक जवाब ना देने की बात कही। इस पर उपमुख्यमंत्री ने उपायुक्त धर्मेंद्र सिंह को निर्देश दिए कि इस बारे में संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण जारी कर जवाब मांगा जाए।
ग्यारहवीं नई शिकायत जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से संबंधित थी जोकि सौधापुर गांव के जेबीटी अध्यापक आदेश कुमार द्वारा की गई थी। जिसमें वेतन रोके जाने का मामला था। उन्होंने बताया कि वेतन मिल गया है।
बारहवीं लंबित शिकायत देवी सिंह निवासी हरिसिंह कॉलोनी नूरवाला की बैंक से संबंधित थी। इसमें शिकायतकर्ता के 29 अप्रैल 2018 को 10 हजार रुपये निकालने का मैसेज आया जबकि इन्होंने पीएनबी के एटीएम से 2 हजार रुपये निकलवाए थे। इनके पूरे पैसे दिलवा दिए गए। उपमुख्यमंत्री ने एलडीएम से कहा कि इन पैसों का ब्याज भी उक्त शिकायतकर्ता को दिया जाए तो एलडीएम ने कहा कि उनके निर्देश पर 3.50 प्रतिशत का ब्याज भी उन्हें जल्द से जल्द दिलवाने की बात कही।
तेरहवीं नई शिकायत प्रवीन गांव चुलयाना जिला रोहतक द्वारा की हाउसिंग बोर्ड के लिए उन्हें एक फ्लैट आबंटित को लेकर थी, जिसमें प्रॉर्थी अब पेमेंट रिफंड करवाना चाहता था। कार्यवाही न होने पर उपमुख्यमंत्री ने मुख्य प्रशासक को इस बारे अवगत करवाने के निर्देश दिए।
चौदहवीं शिकायत सीएम विंडो पर महावीर गांव जोशी द्वारा गंदे पानी के समाधान से संबंधित थी। इसका समाधान कर दिया गया।
पंद्रहवीं शिकायत सीएम विंडो पर रणजीत गांव जलालपुर निवासी द्वारा गांव के तालाब पर नाजायज कब्जे को लेकर की गई थी। इस बारे उन्होंने बीडीपीओ सनौली को निर्देश दिए कि इस समस्या का समाधान स्वयं जाकर करें। सौलहवीं नई शिकायत देवी सिंह गांव आसन द्वारा की नाजायज कब्जों और शामलात भूमि को लेकर थी। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जहां-जहां अवैध कब्जे हैं वे हटवाएं जाएं।
The gates of the secretariat were closed, the police kept out of the way and seven problems were resolved in the meeting inside- फोटो : Panipat