पानीपत। बारिश के साथ डेंगू के डंक का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग इससे निपटने के लिए तैयारी कर चुका है। जुलाई महीने को विभाग डेंगू माह के रूप में मना रहा है। इस दौरान लोगों को जागरूक करने के साथ टीम डोर-टू-डोर जाकर लार्वा की जांच कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने जून माह को मलेरिया माह के रूप में मनाया है। इस दौरान बुखार के 11334 मरीज मिले हैं। जिनका स्वास्थ्य विभाग द्वारा इलाज किया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 315 टीम बनाई। जो डोर-टू-डोर जाकर फ्रिज की ट्रे, हौदी, घर के आस-पास बने गड्ढों, कूलर आदि में लार्वा की जांच कर रही हैं और लार्वा मिलने पर काले तेल का या दवा का छिड़काव कर लार्वा को नष्ट कर रही हैं। पिछले जून माह को स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया माह के रूप में मनाया है।
इस दौरान टीमों ने लगभग 262264 घरों में जाकर लार्वा की जांच की। इनमें स्लम एरिया की लगभग 109 साइटें रही। मलेरिया माह में बुखार के संदिग्ध मरीज 11334 मिले हैं लेकिन पूरे मलेरिया माह में कोई भी मलेरिया संक्रमित मरीज नहीं मिला है।
मलेरिया व डेंगू के लक्षण ः स्वास्थ्य निरीक्षक जसमेर सिंह ने बताया कि मलेरिया संक्रमित मादा एनाफ्लीज नामक मच्छर के काटने से होता है। वहीं डेंगू संक्रमित मादा एडिज एजिप्टाई नामक मच्छर के काटने से होता है। शुरुआती लक्षणों में ठंड लगकर कंपकंपी के साथ बुखार होना, पसीने के साथ बुखार का उतर जाना, शरीर में दर्द रहना, सिरदर्द व उल्टी आना, छाती व ऊपर के हिस्सों में दानों का निकलना, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द रहना आदि होते हैं। इनसे बचने के लिए अपने घर के आस-पास पानी जमा न होने दें। ऐसे पानी में ही मच्छर पनपता है।
सप्ताह में एक दिन अवश्य मनाए सूखा दिवस ःजिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुनील संदूजा ने बताया कि मलेरिया-डेंगू को खत्म करने के लिए प्रत्येक रविवार को सूखा दिवस अवश्य मनाएं।