पानीपत। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद् (एससीईआरटी) ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। आओ स्कूल चलें 4.0 अभियान के तहत अब उन सरकारी स्कूलों की पहचान की जाएगी, जहां नामांकन बेहद कम है।
इस पहल का उद्देश्य न केवल कम नामांकन वाले स्कूलों की स्थिति को समझना है, बल्कि वहां सुधारात्मक कदम उठाकर विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाना भी है।
इस संबंध में एससीईआरटी ने सभी खंड संसाधन समन्वयकों (बीआरसी) को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्हें अपने-अपने खंड में ऐसे स्कूलों की सूची तैयार करने को कहा गया है, जहां छात्र संख्या न्यूनतम है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस रिपोर्ट में प्रत्येक क्लस्टर रिसोर्स सेंटर (सीआरसी) से कम से कम दो स्कूलों को शामिल करना अनिवार्य होगा, ताकि जमीनी स्तर पर स्थिति का सही आकलन किया जा सके।
विभागीय निर्देश के अनुसार, इस सूची में पीएमश्री और मॉडल संस्कृति स्कूलों को शामिल नहीं किया जाएगा, क्योंकि इन स्कूलों में पहले से ही बेहतर सुविधाएं और अपेक्षाकृत अधिक नामांकन मौजूद है।
यदि किसी क्लस्टर में दो से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जहां नामांकन बेहद कम है, तो उनकी जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल की जा सकती है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस प्रक्रिया से उन कारणों का पता लगाया जा सकेगा, जिनकी वजह से अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला नहीं दिला रहे हैं। इसके आधार पर सुविधाओं में सुधार, जागरूकता अभियान और अन्य आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
आओ स्कूल चलें अभियान के तहत अभिभावकों को सरकारी स्कूलों की ओर आकर्षित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे, ताकि शिक्षा का स्तर और पहुंच दोनों में सुधार हो सके।