पानीपत। स्वास्थ्य विभाग अधिकारिक तौर पर आज से 100 दिन का टीबी मुक्त अभियान शुरू कर रहा है। यह अभियान 24 मार्च तक चलेगा।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें फैक्ट्रियों व ईंट भट्ठों के साथ साथ गांवों व कॉलोनियों में जाकर टीबी रोगियों को चिह्नित करेगी। स्वास्थ्य विभाग अब गांवों व कॉलोनियों में क्षय मित्र भी बनाएगा। जो टीबी रोगियों को छह माह तक गोद लेगा, उनका खर्च उठाएगा। अब स्वास्थ्य विभाग टीबी रोगियों को एक हजार प्रतिमाह रुपये देगा , ताकि रोगी अपना खान पान का खर्च इसमें से निकाल सके।
उल्लेखनीय है कि पहले तीन हजार मरीज के रजिस्ट्रेशन के बाद व दूसरे तीन हजार रुपये 84 वें दिन मिलेंगे। छह माह के टीबी कोर्स के दौरान उसको छह हजार रुपये मिलेंगे। इस साल अब तक टीबी के 4737 मरीज मिल चुके हैं।
इनमें 2574 पुरुष व 2161 महिलाएं व 385 बच्चे हैं। 2023 में टीबी के 4475 रोगी मिले थे। 2018 से अब तक जिले में टीबी के 25783 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 770 लोगों की टीबी से मौत हो चुकी है। इस साल टीबी से 99 लोगों की मौत हुई है। 2023 में टीबी से 125 लोगों की मौत हुई थी।
इस साल प्रति माह औसतन टीबी के 528 रोगी मिल रहे हैं। पिछले साल प्रति माह टीबी के रोगियों की मिलने की औसत 372 थी, इस साल प्रतिमाह 430 की औसत से टीबी रोगी मिल रहे हैं।
टीबी के रोगियों की मौत के आंकड़े में कमी लाने में स्वास्थ्य विभाग काफी हद तक कामयाब हुआ है। 2023 में प्रति माह टीबी से 11 लोगों की मौत हो रही थी। इस साल नौ लोगों की प्रतिमाह मौत हो रही है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 21 गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया है।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. ललित वर्मा ने बताया कि टीबी के खिलाफ गंभीरता से काम किया जा रहा है। सरकार ने 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। अब 100 दिन तक टीबी जांच अभियान चलेगा। क्षय मित्र भी बनाए जाएंगे। लोगों को टीबी के खिलाफ जागरूक किया जाएगा। 100 दिन के टीबी जांच अभियान की शुरुआत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पंचकूला से करेंगे।