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2021-22 के लिए निगम का 161.57 करोड़ की आमदनी और 158 करोड़ खर्च का बजट सर्वसम्मति से पास

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The corporation's budget of 161.57 crores and budget of 158 crores for the 2021-22 unanimously passed - फोटो : Panipat
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नगर निगम ने अपनी आय और व्यय के प्रस्तावित बजट को 27 दिन बाद मंगलवार को सदन के सामने प्रस्तुत करते हुए इसे पास करवा लिया है। इससे पहले 3 मार्च को सदन की बैठक में इसपर चर्चा की जानी थी, लेकिन सदन हंगामे की वजह से बजट पास नहीं हो पाया। अब इसे आगामी वित्तीय वर्ष शुरू होने से दो दिन पहले पास करवाया गया है। अगर मंगलवार को ये बजट सदन में पास नहीं होता तो विकास कार्य तो दूर की बात निगम को अपने अधिकारियों व कर्मचारियों की तनख्वाह तक के लाले पड़ जाने थे।
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निगम ने वर्ष 2021-22 के लिए अपनी आय के 161.57 करोड़ रुपये और खर्च के 158 करोड़ रुपये के बजट निर्धारित किया है। अगर निगम के आगामी वित्तीय वर्ष के बजट की तुलना पिछले वित्तीय वर्ष से करें तो इस बार निगम ने आय और व्यय के मामले में पिछले बजट से ज्यादा का टारेगट जरूर बनाया है, लेकिन निगम इस पर कितना सफल हो पाता है ये कहना मुश्किल है। इसका एक बड़ा कारण ये भी है कि हर बार निगम अपनी आय के बजट को छूने में नाकामयाब रहा है। वहीं आय न होने से निगम खर्च के बजट को भी छू नहीं सका है। पिछली बार आय के मामले में निगम अपने टारगेट की केवल 49.4 प्रतिशत ही कमाई कर पाया था। जबकि अगर खर्च
निगम ने इस बार सबसे ज्यादा आय के मदों में प्रॉपर्टी टैक्स से 45 करोड़, स्टॉम्प ड्यूटी से 30 करोड़, डेवलपमेंट चार्ज से 35 करोड़, बिजली के पोल के म्युनसिपल टैक्स से 25 करोड़, इसके अलावा दूसरे प्रकार की साधनों से करीब 20 करोड़ की आय होने की संभावनाएं जताई हैं। इसके अलावा फायर टैक्स से 50 लाख, टॉवर-केबल से 1.50 करोड़, लाइसेंस फीस से 1 करोड़, कॉपी फीस 25 लाख, विज्ञापन पर 82 लाख व आरटीआई से 10 हजार रुपये की आय को प्रस्तावित किया गया है। निगम ने पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 में इसे 139.35 करोड़ का प्रस्तावित किया था, लेकिन फरवरी 2021 तक केवल 68.87 करोड़ की ही आय हुई।
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इस बार खर्च में निगम ने कर्मचारियों की तनख्वाह-पेंशन, भत्तों को शामिल करते हुए इस पर 48 करोड़, कूड़ा उठान समेत अन्य कार्यालय के खर्चों के लिए 50 करोड़, विकास कार्यों पर भी 50 करोड़ व स्ट्रीट लाइटों व बिल भुगतान के लिए 10 करोड़, कोंटिजेंसी कैटेगरी में निगम ने 50 करोड़ में एडमिनिस्ट्रेटिव स्कीम के खर्च, सोशल वर्क का खर्च, ठेकेदार व आउटसोर्स के कर्मचारियों पर होने वाले खर्च को भी शामिल किया है। निगम ने 2020-21 के वित्तीय वर्ष में खर्च के इस बजट को 135 करोड़ का पास किया गया था। जिसमें से निगम फरवरी 2021 तक केवल 61.95 करोड़ ही खर्च कर पाया है, जोकि 63 करोड़ कम रहा है।
कमाई में पिछड़ने वाले निगम ने हवाला दिया कि उनकी कमाई कोरोना काल के कारण नहीं हो पाई लेकिन निगम के कुछ मदों ने निगम को उम्मीद से ज्यादा कमाई करके भी दी है। निगम ने स्टॉम्प ड्यूटी के लिए 25 करोड़ निर्धारित किए थे, जबकि कमाई 26 करोड़ 45 लाख हुई। टॉवर केबल के लिए निगम ने 60 लाख का बजट बनाया था, लेकिन कमाई 1.34 करोड़ हुई। इसके अलावा लाइसेंस फीस से भी 50 लाख की बजाए निगम खाते में 52 लाख से ज्यादा आए।
निगम पार्षदों ने विज्ञापन के टेंडर पर बातचीत करते हुए पूछा कि पहले 2019-20 वित्तीय वर्ष के अनुसार निगम ने 82 लाख का बजट प्रस्तावित किया और इनकम हुई 96 लाख की। 2020-21 के लिए बजट बनाया 1 करोड़ का लेकिन आय हुई केवल 24.38 लाख की। अब फिर से 2021-22 के लिए 82 लाख रुपये का बजट किस हिसाब से बनाया गया है। इसका पूरा विवरण जानना चाहा लेकिन निगम अधिकारी इसका जवाब नहीं दे पाए। आयुक्त ने पार्षदों से कहा कि अभी इसकी पूरी जानकारी नहीं है। वे कार्यालय से पूरी जानकारी जुटा कर देंगे। उन्होंने इस मद से आय न होने का कारण कोरोना काल को बताया और कहा कि कंपनी से इसकी पूरी वसूली भी की जाएगी।
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