पानीपत। मतलौडा में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग के मामले में नुकसान के दावे को उपभोक्ता आयोग ने खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि घटना के तीन साल बाद बीमा कंपनी को सूचना दी गई। देरी के कारण दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
शिकायतकर्ता ने आयोग में याचिका दाखिल कर हाउसिंग बोर्ड हरियाणा, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत शिकायत दायर की थी। उनका कहना था कि सितंबर 2018 को मकान में अचानक आग लग गई, जिससे घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जलकर नष्ट हो गए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आग लगने का कारण हाउसिंग बोर्ड की ओर से लगाए गए घटिया गुणवत्ता के तार और बिजली निगम की एलटी लाइन में खराबी थी। उन्होंने बीमा राशि के रूप में 25 लाख रुपये, मानसिक पीड़ा के लिए 2 लाख रुपये और वाद खर्च की मांग की थी। हाउसिंग बोर्ड ने दावे को खारिज कर दिया था। वहीं बीमा कंपनी ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना सितंबर 2021 में दी गई थी। बीमा पॉलिसी की शर्तों के अनुसार नुकसान की सूचना तुरंत या निर्धारित अवधि में देना अनिवार्य है। तीन साल की देरी से कंपनी को नुकसान का आकलन करने का अवसर नहीं मिल सका। आयोग के अध्यक्ष डॉ. आरके डोगरा और सदस्य विनीत कौशिक ने अपने आदेश में कहा कि शिकायत समय-सीमा से बाहर है और बीमा शर्तों का उल्लंघन हुआ है। जिस कारण आयोग ने दावे को खारिज कर दिया।