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बजट: पढ़ाई के होंगे 200 चैनल, पानीपत के सीए ने ट्वीट कर उठाई थी टीवी से पढ़ाई की मांग

Wed, 02 Feb 2022 03:27 AM IST
भूपेंद्र सिंह जितेंद्र नरवाल, अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)

सार

चार्टर्ड अकाउंटेंट और आईसीएआई के उप प्रधान भूपेंद्र दीक्षित ने एजूकेशन मिनिस्ट्री ऑफ इंडिया को ट्वीट किया था।
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सीए भूपेंद्र दीक्षित व शिक्षा मंत्रालय को 21 जनवरी को किया गया ट्वीट। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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कोरोना महामारी की वजह से बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर पड़े बुरे प्रभाव को देखते हुए सरकार ने नए बजट में 200 टीवी चैनल शुरू करने की बात कही है। इससे पहले बच्चों को मोबाइल से पढ़ते हुए देख उनकी आंखों पर पड़ने वाले इसके दुष्प्रभाव से चिंतित होकर हरियाणा के पानीपत के चार्टर्ड अकाउंटेंट और आईसीएआई के उप प्रधान भूपेंद्र दीक्षित ने एजूकेशन मिनिस्ट्री ऑफ इंडिया को इसी वर्ष 21 जनवरी को इस संबंध में ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने सरकार ने बच्चों की पढ़ाई मोबाइल से न करवाकर टीवी चैनल के माध्यम से करवाने की मांग की थी। 

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अब जब सरकार ने आम बजट में इसका प्रावधान कर दिया है तो इस उन्होंने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि अब मोबाइल से होने वाले दुष्प्रभावों से बच्चे बचे रहेंगे और शेड्यूल से प्रसारण देखकर नियमित पढ़ाई भी कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से अभिभावकों की जेब पर भी अपने बच्चों के लिए अलग अलग मोबाइल लेने, इंटरनेट का रिचार्ज करवाने का भार भी कम होगा।

बातचीत में चार्टर्ड आकउंटेंट भूपेंद्र दीक्षित ने बताया कि कोरोना काल में बच्चों की ऑफलाइन पढ़ाई का कोई विकल्प ही नहीं था। स्कूल बंद थे और ऑनलाइन क्लास का दौर शुरू हो चुका था। रोजाना बच्चे मोबाइल फोन से ही पढ़ाई करते थे। इसके लिए अलग-अलग बच्चों को अलग अलग फोन तो देने ही पड़े, साथ में इनके रिचार्ज का खर्च भी काफी ज्यादा बढ़ रहा था।
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वहीं, मोबाइल फोन नजदीक रखकर देखने से उनकी आंखों की समस्याएं भी बढ़ रही थी। इसके अलावा मोबाइल फोन में आने वाले आपत्तिजनक कंटेंट से भी उनकी मानसिकता पर बुरा प्रभाव पड़ रहा था। ये समस्या केवल उनके साथ ही नहीं बल्कि सभी के साथ हो रही थी। इसे देखते हुए उन्होंने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय को 21 जनवरी को ट्वीट करते हुए मांग की थी कि बच्चों की पढ़ाई मोबाइल की बजाए टीवी चैनल से की जाए। 

शेड्यूल से होगी पहली कक्षा से 12 तक की पढ़ाई

सीए भूपेंद्र दीक्षित ने बताया कि बजट में खास तौर पर इस बात पर फोकस किया गया है कि कक्षा एक से लेकर 12वीं तक के बच्चों की शेड्यूल से पढ़ाई होगी। ताकि न तो दूसरे बच्चे उसे बाधित कर पाएं और न ही किसी बच्चे की पढ़ाई छूटे। इसके लिए अलग अलग चैनल पर अलग-अलग पढ़ाई की कक्षाएं लगाई जाएंगी। शेड्यूल के अनुसार ही सरकारी स्कूलों में इसी तर्ज से पढ़ाई हो सकेगी।

ये होगा फायदा

  • मोबाइल से निकलने वाली हानिकारक किरणों से बच्चों की आंखें बची रहेंगी।
  • मोबाइल पर आने वाली आपत्तिजनक सामग्री से उनका मानसिक संतुलन नहीं बिगड़ेगा। 
  • मोबाइल खरीदने का खर्च भी कम होगा और इंटरनेट रिचार्ज के बोझ से भी अभिभावकों को राहत मिलेगी। 
  • बच्चे शेड्यूल से अपनी क्लास को अटेंड कर सकेंगे और पढ़ाई पर ध्यान दे सकेंगे। 
  • टीवी का सदुपयोग होगा और मोबाइल फोन के दुरुपयोग से बच्चों को बचाया जा सकेगा। 
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