समालखा। मंचन करते हुए कलाकार ।
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समालखा। 11वें चलो थिएटर राष्ट्रीय नाट्य उत्सव के तीसरे दिन पाईट कॉलेज में नाटक ‘रेजांगला’ का मंचन किया गया। यह नाटक 1962 में चीन के खिलाफ युद्ध पर आधारित था। रेजांगला हिमालय पर्वत पर स्थित भारतीय सैनिक चौकी है, जहां तापमान माइनस 40 डिग्री बर्फ जमा देने वाला होता है। वहां पर मेजर शैतान सिंह भाटी की अगुवाई में जवानों ने कम हथियारों के बावजूद चीनी सेना के पसीने छुड़ा दिए थे।
नाटक के जरिए बताया गया कि युद्ध में अधिकांश अहीरवाल क्षेत्र के जवानों ने घर परिवार की चिंता न करते हुए अपना जीवन हंसते-हंसते वतन पर न्यौछावर कर दिया था। नाटक का संवाद और अंदाज जितना गंभीर था उतना ही नाटक के सेट, संगीत और दृश्यों ने दर्शकों को बांधे रखा।
कॉलेज प्रबंधन से सुरेश तायल ने कहा कि जिन वीर सैनिकों की बदौलत हम सुख की सांस ले पाते हैं, उन वीर जवानों को नमन है। नाटक का शुभारंभ मुख्यातिथि समाजसेवी अनिल जैन, संजीव गुप्ता, रानी तायल, हरिओम तायल, सुरेश तायल, राकेश तायल, शुभम तायल, निधिका तायल ने किया। कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध पंजाबी नाटककार डॉ. आत्मजीत सिंह को राष्ट्रीय स्वदेश दीपक रास रंग लेखन सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राम कुमार गुप्ता, टीपी गोयल, ईश्वर आर्या, सुनीता सिंगला, कृष्णा गुप्ता, राधेश्याम गुप्ता, अशोक गुप्ता, आनंद शर्मा, डॉ. बीबी शर्मा आदि मौजूद रहे।