अजीजुल्लाहपुर के पास साइकिल पर घूमने निकले 11 वर्षीय दो दोस्तों की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। दोनों दोस्तों के शव शनिवार शाम चार बजे ड्रेन के अंदर अर्धनग्न अवस्था से मिले। पुलिस ने शवों को सामान्य अस्पताल रखवा दिया है। पुलिस ने संभावना जताई है कि ड्रेन में नारियल पड़े थे, जिनको निकालने के लिए बच्चे ड्रेन में उतरे, लेकिन गड्ढा गहरा होने की वजह से डूब गए। हालांकि रविवार को शव का पोस्टमार्टम होने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। शुक्रवार को चार दोस्त साइकिल पर घूमने निकले थे, जिनमें से दो अपने घर लौट आए थे।
नेपाल निवासी शिवप्रसाद ने बताया कि वह गत 15 साल से पानीपत सेक्टर-18 में किराए के मकान में रहता है। वह चौटाला रोड, सिवाह के पास लिबर्टी वेयर हाउस में नौकरी करता है। उसके दो बच्चे हैं, जिनमें बड़ा बेटा करण और छोटा बेटा 11 वर्षीय सूरज उर्फ अर्जुन है। सूरज बाबरपुर के पास सरकारी स्कूल में छठी कक्षा का छात्र था। शुक्रवार शाम करीब चार बजे बेटे सूरज के पास उसका दोस्त बाबरपुर स्थित श्री वैष्णो माता मंदिर निवासी शिवम (11) पुत्र रामू साइकिल से घर आया था। शिवम और सूरज दोनों साइकिल पर सवार होकर खेलने के लिए निकल गए थे। देर शाम तक नहीं लौटे तो उन्होंने तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा। वहीं शनिवार को शाम चार बजे दोनों के शव अजीजुल्लाहपुर के पास ड्रेन से मिले हैं, जिनको पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में रखवा दिया है, आगे की जांच जारी है।
सेक्टर 13-17 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता ने बताया कि शुक्रवार देर रात करीब साढ़े 11 बजे परिजन थाने आए थे, जिनकी शिकायत पर बच्चों की तलाश शुुरू कर दी गई थी। जीआरपी, ट्रैफिक थाना समेत जिले के सभी थानों में बच्चों की वीटी करा दी गई थी। शनिवार को तालाश करने के दौरान अजीजुल्लाहपुर के पास से एक राजमिस्त्री ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी कि ड्रेन किनारे लाल रंग की साइकिल पड़ी है, पास में चप्पल और कुछ कपड़े भी हैं। जिस सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और ड्रेन में तलाश की तो बच्चों के शव बरामद हुए । उन्होंने परिजनों को बुलाया और शनाख्त कराई।
वैष्णो माता मंदिर की संचालिका साध्वी गोविंद भारती ने बताया कि वह भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गईंथीं। ड्रेन में शव पड़े थे, शव से करीब 15 फुट दूर ड्रेन किनारे बच्चों की साइकिल पड़ी थी। साइकिल से करीब चार फुट दूर बच्चों की चप्पलें पड़ीं थीं। वहीं ड्रेन के दूसरे किनारे के पास बच्चों की पैंट थी। शव को बाहर निकाला तो बच्चों ने सिर्फ टी शर्ट पहनी हुई थी। यह हादसा है या हत्या इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। उनकी मांग है कि पुलिस निष्पक्ष जांच करे।
पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए शव को सामान्य अस्पताल पहुंचाया और डॉक्टर से शव की प्राथमिक जांच कराई। जिसमें सूरज और शिवम के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद संभावना जताई है कि ड्रेन में नारियल पड़े हुए थे, जिसे निकालने के लिए दोनों ने पैंट उतारी और अंदर चले गए। गहराई बढ़ती देख उन्होंने पैंट एक मिट्टी के टीले पर रख दी, आगे बढ़े तो करीब 15 फुट गहरे गड्ढे में गिर गए।
शिवम के पिता रामू ने बताया कि वह मूल रूप से झांसी के गांव पेलाहनीदेरा का रहने वाला है। उसके दो बच्चे हैं, जिनमें बडी बेटी गंगा और छोटा बेटा शिवम था। उसकी पत्नी अनीता की करीब 10 साल पहले गुर्दे फेल होने की वजह से मौत हो गई थी। उस समय शिवम डेढ़ साल का था। वह करीब 10 साल पहले पानीपत बाबरपुर मंडी के पास वैष्णो माता मंदिर में आकर रहने लग गया था।
शिवम की बड़ी बहन गंगा ने बताया कि वह शुक्रवार को स्कूल से दोपहर तीन बजे घर पहुंचा था। मंदिर में खीर बनी थी। जो उसे पंसद थी। जिसे खाकर वह करीब शाम चार बजे अपने दोस्त नीरज, शंकर और सूरज के साथ खेलने के लिए बाहर निकल गया था। देर शाम घर नहीं लौटे तो उन्होंने नीरज और शंकर से पूछताछ की, लेकिन वह उनके बारे में कुछ बता नहीं सके।