जिला नागरिक अस्पताल में बैठा चिकित्सक बोर्ड। स्रोत : विभाग
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में बुधवार को चिकित्सक बोर्ड ने 55 लोगों के दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाए। आठ लोगों को जांच के लिए रेफर कर दिया। मनोचिकित्सक डॉ. मोना नागपाल ने करीब दो महीने के अवकाश के बाद बुधवार को कार्यभार संभाला। इससे मरीजों ने राहत की सांस ली, उनसे संबंधित 12 लोगों के प्रमाणपत्र बनाए गए।
डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. बिजेंद्र सिंह हुड्डा की देखरेख में बुधवार को दिव्यांग प्रमाणपत्र शिविर लगाया गया। विभिन्न विभागों के चिकित्सकों का बोर्ड बनाया। दिव्यांगों की समस्या देखते हुए बोर्ड ने एक स्थान पर लोगों की जांच की। दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए 63 लोगों ने पंजीकरण कराया। बोर्ड ने जांच के बाद 55 के प्रमाणपत्र बनाए, इनमें हड्डी से संबंधित 28, मेडिसन के चार, ईएनटी के तीन, आंखों के चार, मनोरोग के 12 और सर्जन से संबंधित चार लोगों के प्रमाणपत्र बनाए।
बोर्ड ने आठ लोगों को जांच के लिए रेफर किया, इनके अलावा सात लोग रेलवे पास से संबंधित रहे। रमेश ने बताया कि उनको मानसिक बीमारी से संबंधित प्रमाणपत्र बनवाना था। चिकित्सक विशेषज्ञ के अवकाश पर होने के चलते प्रमाणपत्र नहीं बन पाया था। उनका बुधवार को प्रमाणपत्र बना है। डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. बिजेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल में प्रत्येक बुधवार को दिव्यांग प्रमाणपत्र बोर्ड बैठता है। बोर्ड लोगों की जांच कर प्रमाणपत्र देता है। वे इसी के आधार पर आगे सरकार की योजनाओं का लाभ लेते हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में बैठा चिकित्सक बोर्ड। स्रोत : विभाग