पाथरी माता मंदिर में दर्शन करते श्रद्धालु। संवाद
मतलौडा। पाथरी गांव स्थित पाथरी माता मंदिर में बुधवार को भक्तों ने माता के दर्शन किए और अपनी मन्नत मांगी। मंदिर में मंगलवार आधी रात को दर्शन शुरू हो गए थे और बुधवार को पूरा दिन व आधी रात तक दर्शन किए। इस दौरान मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। मान्यता है कि पाथरी माता का जन्म बंगाल में हुआ था। नागे गुरु ने माता को कुएं से निकालकर उनकी जटाओं में डिब्बी के रूप में स्थान दिया था। नत्थू भगत ने माता को पाथरी गांव में स्थापित किया था। यह मंदिर 500 से अधिक वर्षों से आस्था का केंद्र है। यहां जाल के पेड़ के नीचे माता का स्थान बना हुआ है। मंदिर का प्रबंधन पंचायत के पास है। मंदिर में चैत्र मास में माता के पूजन की विशेष आस्था है। प्रदेश व आसपास के प्रदेशों से भी लोग अपनी कुल की देवी के रूप में माता का पूजन करने आते हैं। मंदिर प्रबंधन के वरिष्ठ सदस्य बिजेंद्र ने बताया कि मंदिर में माता के दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की है। पार्किंग के लिए खुला मैदान दिया गया है। मंदिर में सुरक्षा और व्यवस्था के लिए ग्रामीण और स्वयंसेवक लगाए गए हैं। लोगों में आस्था का विशेष केंद्र है। वहीं पुलिस सुरक्षा एवं व्यवस्था के लिए चौकस रही।
पाथरी माता मंदिर में दर्शन करते श्रद्धालु। संवाद