पानीपत। कहते हैं कि जीवन की यात्रा में कभी-कभी अपने पराए हो जाते हैं और पराए अपने हो जाते हैं। जिले में इस भूमिका का निर्वाह एक स्वयंसेवी संस्था कर रही है। वह जिले में जिन शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। उन लोगों के शवों की अस्थियों का विसर्जन गंगा में करेगी।
जिला में इस साल करीब 300 लोगों के शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई। यानी इन लोगों को अपनों के हाथों अंतिम यात्रा नहीं मिल पाई। जन सेवा दल ने ऐसे लोगों का अंतिम संस्कार किया। अब 11 जून को इनकी अस्थियों को सामूहिक रूप से हरिद्वार में गंगा में विसर्जित की जाएंगी। इस संबंध में जन सेवा दल की बैठक रविवार को जिला नागरिक अस्पताल स्थित कार्यालय में हुई। इसके साथ 350 लोगों को मासिक राशन बांटा। इसमें मुख्यातिथि अमित डूडेजा रहे। जन सेवा दल के प्रधान कृष्ण मनचंदा और महासचिव चमन गुलाटी ने कहा कि जन सेवा दल हर साल अज्ञात शवों के संस्कार करता है। इनकी अस्थियों को संभालकर रखा जाता है और साल में एक बार विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर इनको सामूहिक रूप से प्रवाहित किया जाता है। सामान्य रूप से अप्रैल में कार्यक्रम किया जाता है।
इस बार 11 मई को करीब 300 लोगों की अस्थियां हरिद्वार गंगा प्रवाहित की जाएंगी। यहां भंडारा भी लगाया जाएगा। इससे पूर्व पांच मई सोमवार को प्राचीन श्रीदेवी मंदिर में भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। जिसमें भजन साम्राज्ञी पूर्णिमा साध्वी भक्तिमय प्रस्तुति देंगी। समाजसेवी युधिष्ठिर शर्मा ने कहा कि जनसेवा दल द्वारा समाज को समर्पित कार्यों की अनूठी प्रणाली अत्यंत सराहनीय है।
शहर में रक्तदान व अन्य कार्यों की सेवा के लिए कई संस्थाएं काम कर रही हैं लेकिन अज्ञात शवों का संस्कार जनसेवा दल कर रही है। अब इनकी अस्थियों का सामूहिक रूप से मां गंगा को समर्पित किए जाएंगे।
इस मौके पर लेखराज जताना, दशहरा कमेटी के प्रधान भीम सचदेवा, शिवधाम के प्रधान सुभाष गुलाटी, समाजसेवी सुभाष बठला शामलाल खूंगर, सुभाष इलाहाबादी, सूरजभान फौजी, यश बांगा, अशोक मिगलानी, नारायण कपूर, अशोक अरोडा, शशि भूषण मौजूद रहे।