माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। डाहर गांव के शीलू गैंग को हथियार सप्लाई करने के आरोप में कैथल के सिसला गांव निवासी सचिन उर्फ सोनू को सीआईए-1 की टीम ने दिल्ली की तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लिया है। उस पर 2024 में गैंग को हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल कर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसमें एएसआई घायल हो गए थे।
सीआईए-1 प्रभारी फूल कुमार ने बताया कि दिसंबर 2024 में थाना चांदनी बाग क्षेत्र स्थित एक मिठाई दुकान संचालक से रंगदारी मांगी गई थी। मामले की जांच में डाहर गांव निवासी कुशाल उर्फ कौशल और उसके साथी प्रिंस का नाम सामने आया था।
पुलिस के अनुसार, 16 दिसंबर 2024 को सूचना मिली थी कि आरोपी बिशन स्वरूप कॉलोनी स्थित एक पार्क में मौजूद हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी भागने लगे। पीछा करने पर आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इस दौरान एएसआई राजकुमार के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गए थे।
पूछताछ में आरोपी कौशल ने बताया था कि उसने हथियार सुनील उर्फ शीलू से खरीदे थे। पुलिस ने शीलू को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने कैथल के सिसला गांव निवासी सचिन उर्फ सोनू से हथियार खरीदने की बात स्वीकार की। इसके बाद से पुलिस आरोपी सचिन की तलाश में जुटी थी।
हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि सचिन उर्फ सोनू आर्म्स एक्ट के एक अन्य मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। इसके बाद सीआईए-1 टीम ने आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लिया। मंगलवार को उसे अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपी से हथियार सप्लाई नेटवर्क और अन्य आरोपियों के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी।