पानीपत। अहर गांव के लविश व अंकुश की टीम ने रक्षाबंधन पर देश को साबा कप का उपहार दिया है। श्रीलंका में आयोजित प्रतियोगिता के फाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टीम ने भारत की झोली में स्वर्ण पदक डाल दिया। भारत ने श्रीलंका को 113-54 से करारी शिकस्त दी। कप्तान लविश खैंची के नेतृत्व में देश को यह पहला पदक मिला है। लविश के अलावा उनके दोस्त अहर गांव के अंकुश ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। अंकुश तीनों मैचों में तीसरे हाफ में मैदान में उतरे और उम्दा प्रदर्शन किया। लविश व अंकुश के प्रदर्शन पर गांव में खुशी का माहौल है। दोनों खिलाड़ियों के गांव पहुंचने पर भव्य स्वागत किया जाएगा। इससे पहले अहर के साहिल भी देश की बास्केटबॉल टीम का नेतृत्व कर चुके हैं। अब दोनों खिलाड़ी एशियन चैंपियनशिप की तैयारी के लिए इंदौर में पसीना बहाएंगे।
कोच दीपक शर्मा ने बताया कि लविश खैंची देश की बास्केटबॉल का नेतृत्व कर रहे हैं। यह जिले के लिए गौरव की बात है। उनके नेतृत्व में भारत ने साबा कप पर कब्जा किया है। टीम ने पहले मालदीव और फिर श्रीलंका को करारी शिकस्त दी। दोनों खिलाड़ियों ने पूरी प्रतियोगिता में खुद को साबित किया है। दोनों खिलाड़ी दूसरों के लिए भी प्ररेणा बने हैं।
1968 में शुरू हुआ गांव की बास्केटबॉल का सफर -
कोच दीपक शर्मा बताते हैं कि अहर गांव में 1968 में बास्केटबॉल खेल शुरू हुआ था। अहर व कुराना ने देश में बास्केटबॉल में अपना लोहा मनवाया है। दोनों गांवों में लगभग 180 राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं। अब तक गांव के 45 खिलाड़ियों को बास्केटबॉल से नौकरी मिल चुकी है। अब लविश भारतीय बास्केटबॉल टीम के कप्तान और अंकुश टीम का अहम हिस्सा हैं।
किसानों के लाल कर रहे कमाल-
किसानों के लाल देश के लिए कमाल कर रहे हैं। किसान खेत में खून पसीना बहाकर बेटों को देश के लिए खेलने को तैयार कर रहे हैं। लविश के पिता सतीश और अंकुश के पिता धूप सिंह भी किसान हैं। इसके लिए गांव अहर व कुराना के लगभग 150 किसानों ने देश को अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं। गांव अहर के शाहिल भी 2019 में देश की बास्केटबॉल टीम की कप्तानी कर चुके हैं।
तीन टीमों के कप्तान पानीपत से-
भारतीय पुरुष वॉलीबॉल , महिला वॉलीबॉल टीम के साथ अब बास्केटबाॅल में भी पानीपत का नाम चमक रहा है। तीनों ही टीम के कप्तान पानीपत के रहने वाले हैं। ये क्षण पानीपत को गौरवान्वित करने वाला है। किसी भी जिले के तीन खिलाड़ियों ने एक साथ भारत की तीन टीमों का नेतृत्व नहीं किया है। ये अपने आप में एक इतिहास है। गांव अहर के लविश खैंची व अंकुश खैंची का भारतीय बास्केटबॉल टीम में चयन हुआ है। लविश को टीम की कप्तानी मिली है। लविश कक्षा 12 वीं के छात्र हैं। इससे पहले गांव बुआना लाखु के प्रिंस मलिक को भारत की वालीवॉल टीम का कप्तान चुना गया था। गांव आसन की निर्मल तंवर पिछले तीन साल से देश की वॉलीबॉल टीम का नेतृत्व कर रही है।