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शिकायत मिलने के 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर थाना प्रभारी सस्पेंड

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रोशनी हत्याकांड में 24 घंटे पहले बेटियों ने मां और भाई के अपहरण का आरोप जीजा पर लगाते हुए सेक्टर-29 थाने शिकायत दी थी। इसके बाद भी संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई नहीं की।
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इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए पानीपत के पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजबीर सिंह को सस्पेंड कर दिया है। थाने का प्रभार बाबरपुर थाने का चार्ज संभाल रहे इंस्पेक्टर सुनील को सौंपा गया है। वहीं बाबरपुर थाने का प्रभार एसआई सुरेश को सौंपा है। मामले की जांच सीआईए-2 को ट्रांसफर कर दी है। एसपी ने कहा कि मामले में लापरवाही समाने आई है, इसलिए तुरंत प्रभाव से थाना प्रभारी को निलंबित किया गया है। उनके अनुसार इस मामले में अब आगामी कार्रवाई में भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस वजह से झेलना पड़ा निलंबन
गांव रिसालू निवासी प्रीति और उसकी बहन सिमरन ने चार मार्च को सेक्टर-29 थाना में गांव फुरलक निवासी अपने जीजा राकेश के खिलाफ भाई दीपक और मां रोशनी देवी का अपहरण करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। आरोप था कि नौ बीघा जमीन के विवाद में जीजा एक मार्च को भाई दीपक और तीन मार्च को मां रोशनी को घर से ले गया। तीन मार्च की रात एक बजे घर से जीजा राकेश ने 1.60 लाख रुपये और गहने चोरी कर लिए थे, लेकिन प्रीति और सिमरन की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने शिकायत को ठंडे बस्ते में डाल दिया। 5 मार्च को रोशनी का रिसालू के तालाब में शव मिला, जिसकी हत्या के आरोप जीजा पर लगा है। परिजनों का कहना है कि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो उनकी मां जिंदा होती।
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रोशनी का शव मिलने के बाद बेटियों की शिकायत पर ही लगाई हत्या की धारा
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजबीर ने रोशनी देवी का शव मिलने के बाद अपहरण की 379 पर रिपोर्ट दर्ज की और इसी रिपोर्ट में बयान दर्ज करते हुए पुलिस ने हत्या की धारा शामिल की। जबकि एक दिन पहले ही चार मार्च को अपहरण और चोरी की शिकायत पर केस दर्ज कर कार्रवाई करनी थी।
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