तीन कृषि कानूनों को रद्द नहीं करने के विरोध किसान अपनी फसल को उजाड़ रहे थे। पानीपत के ब्लॉक इसराना में भी किसान ने अपनी गेहूं की फसल पर ट्रैक्टर चला दिया था। जिस पर अब निर्णय लिया गया है कि फसल या दूध को बर्बाद करने की जगह उसे गरीबों में बांटा जाएगा। इसके साथ ही शनिवार की सुबह किसान केएमपी पर चक्का जाम करने के लिए रवाना होंगे।
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान कुलदीप बलाना ने कहा कि किसी भी जिले में किसानों को अपनी फसल बर्बाद नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे खुद का ही नुकसान होगा। फसलों को बर्बाद करने की बजाय गरीब लोगों को दे देना चाहिए ताकी उनका पेट भर सके। संयुक्त मोर्चा के जन जागरण की शुरुआत शुक्रवार को गांव बबैल से हुई। चौपालों में गांव वासियों को दूध व फसल बर्बाद ना करने को लेकर जागरूक किया। किसान पूर्व उपप्रधान ने लोगों को समझाया कि कोई भी दूध को बहाएं नहीं और फसलों को कच्चा खराब नहीं करें। दूध बहाने की बजाय गरीब और जरूरतमंदों को दें। जन जागरण में मुख्य रूप से किसान प्रधान कुलदीप बलाना, जयकरण कादयान, चांद सिंह, मास्टर ईश्वर सिंह मलिक, राजेश, रामकिशन आदि मौजूद रहे।