माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। टेक्सटाइल नगरी को जीएसटी की नई दर लागू होने के बाद नई उम्मीद जगी हैं। सिंथेटिक यार्न पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करना टर्निंग प्वाइंट होगा। उद्यमी अब कच्चा मॉल सस्ता मिलने पर अपनी उत्पाद के रेट भी कम कर सकेंगे।
ऐसे में अमेरिका के नए टैरिफ लागू करने के बाद अंतरराष्ट्रीय मंडी में छाई चिंता भी दूर हुई है। निर्यातक बायर्स के साथ रेट तय कर सकेंगे। वहीं अमेरिका के नए देशों में कम रेट पर दूसरे देशों के मुकाबले में आ जाएंगे।
पानीपत में करीब 25 हजार छोटी बड़ी औद्योगिक इकाई हैं। करीब 20 हजार का निर्यात और 80 हजार करोड़ रुपये का घरेलू बाजार है।
अमेरिका ने गत दिनों 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया था। ऐसे में निर्यातकों ने अमेरिका में सीधा माल भेजना लगभग बंद कर दिया था। बायर्स आधा-आधा टैरिफ भरने की बात पर अड़े हुए थे। ऐसे में नए ऑर्डर भी नहीं मिल पा रहे थे। निर्यातक पांच या सात प्रतिशत तक टैरिफ का भार उठाने को तैयार भी थे। जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी की दो ही दर रख दी हैं।
सिंथेटिक यार्न पर आधारित उद्योग
जीएसटी की बड़ी रेंज में शामिल सिंथेटिक यार्न पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी है। इससे कारपेट, रग्स, कंबल और तौलिया बनाना और बेचना सस्ता हाे जाएगा।
फैक्टरी में काम करते श्रमिक। आर्काइव
फैक्टरी में काम करते श्रमिक। आर्काइव