संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। नकली दवा और झोलाछाप पर खाद्य एवं औषधि नियंत्रण विभाग सख्त हो गया है। विभाग ने जनवरी से अब तक नकली दवाओं के करीब 200 सैंपल लिए हैं। इनमें से पांच के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया है। इसमें कानूनी कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने हाल ही में टीम ने दो झोलाछाप को पकड़े हैं। दवाओं को जब्त कर क्लीनिक को सील कर दिया है।
खाद्य एवं औषधि नियंत्रण विभाग नकली दवाओं और अवैध क्लीनिक पर लगातार शिकंजा कस रहा है। विभाग द्वारा दो ड्रग कंट्रोलर नियुक्त किए गए हैं। विजय राजे के पास पानीपत और पवन कुमार के पास समालखा, इसराना, मतलौडा व बापौली खंड हैं। दोनों को हर महीने 12-12 रेड करनी होती हैं। जिले में जनवरी से अब तक करीब 200 सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से पांच सैंपल फैल आने आए हैं। इनमें संबंधित लोगाें के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। कुछ सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है।
फर्जी क्लीनिक और चिकित्सक पकड़े-
केस-एक
अहर गांव में 25 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अवैध क्लीनिक और झोलाछाप को पकड़ा है। क्लीनिक में ग्लूकोज, एंटी बायोटिक दवा मिली थी। टीम ने दवाओं को जब्त कर लिया और क्लीनिक को सील कर दिया था। झोलाछाप उस समय एक मरीज को बुखार की दवा दे रहा था। उन्होंने डिग्री होने की बात कही थी। स्वास्थ्य विभाग ने डिग्री जांच के लिए भेजी है। इसके बाद आगामी कार्रवाई भी की जाएगी।
केस-दो
सेक्टर-25 में टाटा मोटर्स की सड़क पर तीन जुलाई को एक झोलाछाप को पकड़ा था। वह लकड़ी के खोखे में क्लीनिक चला रहा था। टीम ने उससे इलाज के लिए प्रमाण-पत्र की मांग की। वह किसी प्रकार की डिग्री नहीं दिखा पाया। टीम ने खोखे को तुरंत बंद करा दिया था।
बॉक्स
जनवरी से अब तक हुई कार्रवाई
- 13 मई को टीम ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मतलौडा के मेडिकल स्टोर से नकली दवा पकड़ी।
- 21 मई को ड्रग कंट्रोलर पवन कुमार व उनकी टीम ने समालखा के पसीना कलां से 20 एमटीपी किट पकड़ी। इसमें संबंधित आरोपी पर मुकद्दमा चल रहा है।
- 13 अगस्त को टीम ने समालखा से एमटीपी किट पकड़ी। संबंधित आरोपी पर मुकदमा दर्ज है।
- पानीपत टीम ने सोनीपत टीम के साथ फिरोजपुर के बांगड़ की एक फैक्ट्री से नकली दवा पकड़ी। जिसमें फैक्ट्री को सिल किया। यह कार्रवाई लगभग एक सप्ताह तक चली।
वर्जन :
झोलाछाप फर्जी डिग्री के आधार पर इलाज के नाम पर लोगों के जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं। ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के लिए लगातार दबिश दी जा रही हैं। इसमें सतर्कता से काम किया जा रहा है। इनका उद्देश्य जिले को लिंग जांच मुक्त व अवैध दवा-क्लीनिक मुक्त बनाना है।
डाॅ. विजय मलिक, सीएमओ।