पानीपत। टेक्सटाइल नगरी पानीपत वेस्ट कपड़े का रिसाइकिल हब बन गया है। यहां की रैग इंडस्ट्री पांच हजार करोड़ से अधिक की पहुंच गई है। इंडस्ट्री में विदेश से आने वाले कपड़े की छंटाई कर इसका रंगीन धागा बनाकर टेक्सटाइल के उत्पाद में प्रयोग किया जा रहा है। उद्यमियों के अनुसार यह एक अलग इंडस्ट्री विकसित हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के 120वें एपीसोड में पानीपत की रिसाइकिल इंडस्ट्री का जिक्र किया और इसे देश और दुनिया के सामने बड़ी मिसाल बताया।
पानीपत को कंबल और टेक्सटाइल उत्पादों के चलते लोग देश ही नहीं दुनिया में जानते हैं। यहां पिछले 15 सालों से शुरू वेस्ट का कारोबार अब इंडस्ट्री का रूप ले चुका है। युवा ही नहीं दूसरे उद्यमी भी इसको अपना रहे हैं। ये विदेश से कंटेनर लाकर इसको पुन: प्रयोग लायक बनाते हैं। इस इंडस्ट्री के साथ छोटे दुकानदारों का भी काम बढ़ गया है।
पानीपत में रैग इंडस्ट्री बरसत रोड और काबड़ी रोड पर है। उद्यमियों ने यहां बड़े गोदाम बना रखे हैं। इंडस्ट्री से जुड़े गुलशन मल्होत्रा ने बताया कि विदेश से कांडला पोर्ट के रास्ते पानीपत में सैकड़ों कंटेनर आते हैं। कंटेनर में मिश्रित कपड़ा होता है। उद्यमी गोदाम में कॉटन, पॉलिएस्टर, एक्रेलिक और सिल्क समेत सभी की छंटनी कर लेते हैं। इसके बाद इनके बटन, चेन और कपड़े अलग-अलग कर लेते हैं। कुछ वेस्ट कारोबारी खुद तो कुछ दूसरों को छंटनी किया वेस्ट बेच देते हैं। रैग इंडस्ट्री में इस कपड़े को रुआं बनाने के साथ ही इसको डाई कर रंगीन बना देते हैं। इसके बाद मिल में धागा बनाकर इंडस्ट्री में सप्लाई कर देते हैं।
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रिसाइकिल कर एक्सपोर्ट कर रहे
रैग उद्यमी खुद या एजेंट के माध्यम से रिसाइकिल धागे के लिए एक्सपोर्टर और दूसरे उद्यमियों के साथ संपर्क में होते हैं। यह धागा सामान्य धागे से 25 से 30 प्रतिशत तक सस्ता भी होता है। ऐसे में उद्यमी इसको पहले खरीदते हैं। इस धागे को बाथमेट, दरी व अन्य उत्पादों में प्रयोग करते हैं।
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सीएम ने पीएम का जताया आभार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रद्दी कपड़ों से निपटने में कुछ शहर अपनी नई पहचान बना रहे हैं। हरियाणा का पानीपत रद्दी कपड़ों को फिर से इस्तेमाल में लाने के मामले में वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। पानीपत एक तरह से टेक्सटाइल वेस्ट से निपटने में ग्लोबल हब बन गया है। यहां रद्दी कपड़ों को रिसाइकिल यानी फिर से उपयोग में लाने लायक बनाने के मामले में वैश्विक केंद्र के रूप में सामने आया है। सीएम नायब सैनी ने पीएम का आभार जताया है।
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बोतल के धागे से बनी जैकेट पहन पहुंचे थे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फरवरी 2023 में प्लास्टिक की बोतल के धागे से बनी जैकेट पहन कर संसद में पहुंचे थे। यह जैकेट पानीपत के धागे से बनी थी। उन्होंने संसद से जनता को पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संदेश दिया था। पानीपत में ठंडे पेय पदार्थ की प्लास्टिक की बोतलों की रिसाइकिल होती है। इससे बने धागे के उत्पादों का विदेश में भी बोलबाला है। पानीपत के इस धागे से बने उत्पाद को अमेरिका, यूरोप, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े देशों में एक्सपोर्ट किया जा रहा है। पानी, कोल्ड ड्रिंक या किसी अन्य बोतल को रिसाइकिल कर पहले सफेद रंग का प्लास्टिक दाना और चिप बनाई जाती है। इसके बाद इस दाने को अलग-अलग यूनिट में भेज कर धागे से प्लास्टिक की सीट बनाते हैं। प्लास्टिक सीट का रैग मशीन में फाइबर तैयार किया जाता है। फाइबर से धागा बनाया जाता है।