पानीपत। आगामी शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले राजकीय स्कूलो में आठवीं कक्षा तक पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों से पाठ्य-पुस्तकों की डिमांड उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।
यह डिमांड सात दिसंबर तक उपलब्ध करवानी होगी। इसके लिए विभाग की ओर से चार से सात दिसंबर तक पोर्टल खोला गया है। वहीं, विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को कक्षा पहली से आठवीं के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए पाठ्यपुस्तकों की मांग बारे आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशानुसार कक्षा पहली से आठवीं के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग द्वारा मुफ्त पाठ्यपुस्तकें प्रदान की जाती है। प्रत्येक वर्ष की तरह आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए भी कक्षा पहली से आठवीं के लिए पाठ्यपुस्तकों की डिमांड के आधार पर सप्लाई की जानी है। यह कार्य इस बार से ऑनलाइन माध्यम से किया जाना है ताकि डिमांड सीधे विभाग तक पहुंचे तथा समय रहते पाठ्यपुस्तकें विद्यार्थियों तक पहुंच सकें।
पाठ्यपुस्तकों की डिमांड भरने के लिए इन दिशानिर्देशों की अनुपालन अनिवार्य :
n पाठ्यपुस्तकों की डिमांड भरने के लिए विद्यालय के एमआईएस पोर्टल पर टेस्ट बुक डिमांड मोड्यूल बना दिया गया है। यह मॉडयूल 04 से 07 दिसंबर तक खुला रहेगा।
n पाठ्यपुस्तक की डिमांड की जिम्मेदारी विद्यालय के मुखिया की होगी तथा मुखिया को ओटीपी के माध्यम से डिमांड को सत्यापित भी करना होगा।
n माड्यूल में कक्षा पहली से पांचवीं तक की डिमांड पहले से भरी आएगी अर्थात आज की एमआईएस एनरोलमेंट आगामी कक्षा में दर्शाई जाएगी क्योंकि आज के विद्यार्थियों की संख्या आगामी सत्र में अगली कक्षा में होगी।
n विद्यालय द्वारा पाठ्यपुस्तकों की डिमांड, माध्यम तथा बोर्ड के अनुसार की जा सकती है। यदि किसी विद्यालय में हिंदी तथा अंग्रेजी माध्यम हैं तो पोर्टल पर दोनों माध्यम का विकल्प चुनते हुए मांग भरी जाएगी।
n विद्यालय द्वारा डिमांड कक्षा की संख्या से ज्यादा नहीं भरी जा सकती।
n कक्षा छठी से आठवीं के आवश्यक विषयों के लिए डिमांड कक्षा पहली से पांचवी की तर्ज पर की जानी है तथा वैकल्पिक विषय की मांग ध्यानपूर्वक करें।
n विद्यालय मुखियाओं को डिमांड भरते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि विद्यालय का मीडियम व बोर्ड सही है। यदि विद्यालय मीडियम व बोर्ड गलत हो जाते हैं तो इसे विद्यालय स्तर पर ठीक नहीं किया जा सकेगा।
n विद्यालय द्वारा भेजी गई डिमांड में किसी भी प्रकार की गलती के लिए संबंधित विद्यालय मुखिया स्वयं जिम्मेवार होंगे।
n यदि दिए गए समय में विद्यालय मुखिया द्वारा डिमांड को सत्यापित नहीं किया जाता तो डिमांड को शून्य समझा जाएगा तथा संबंधित विद्यालय मुखिया के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही की जाएगी।