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दसवीं पास महिला चला रही थी अवैध क्लीनिक, गर्भपात करने का आरोप

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Tenth pass woman was running illegal clinic, accused of abortion - फोटो : Panipat
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स्वास्थ्य विभाग ने तहसील कैंप में एक अवैध क्लीनिक पर छापा मारकर एक 10वीं पास महिला को इंजेक्शन लगाते और लोगों को इलाज करते हुए पकड़ा। महिला पर अवैध क्लीनिक चलाकर गर्भपात करने का आरोप है, हालांकि उसके पास से गर्भपात कराने की कोई दवा मिली नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग ने महिला को पुलिस के हवाले कर दिया और क्लीनिक को सील कर दिया है। ड्रग कंट्रोलर ने क्लीनिक से दवाओं को बरामद किया है। पुलिस ने महिला पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
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पीएनडीटी इंचार्ज डॉ. अमित कुमार ने बताया कि जिला न्यायिक लैब से उन्हें सूचना मिली थी कि तहसील कैंप में एक महिला अवैध रूप से गर्भपात करती है और मेडिकल प्रैक्टिस कर रही है, उसके पास कोई डिग्री या डिप्लोमा नहीं है। डीसी धर्मेंद्र सिंह के निर्देशों पर सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा ने उनके नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। टीम में डीसीओ विजय राजे और डॉ. सुखदीप कौर थीं। कार्रवाई के आईटीआई प्रिंसिपल कृष्ण कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। डॉक्टरों की टीम दोपहर को तहसील कैंप में चोपड़ा क्लीनिक पर पहुंची। जैसे ही एक महिला अंदर क्लीनिक में गई पीछे से डॉ. अमित कुमार व डॉ. सुखदीप क्लीनिक में गए। क्लीनिक संचालक पूनम पत्नी ब्रजमोहन महिला को इंजेक्शन लगा रही थी। टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। उससे मेडिकल की डिग्री व डिप्लोमा मांगा गया, लेकिन उसके पास कोई भी सर्टिफिकेट नहीं मिला। महिला ने डॉक्टरों से पूछताछ में बताया कि वह 20 साल से तहसील कैंप में किराए पर कमरा लेकर मेडिकल प्रैक्टिस कर रही है। वह महिलाओं को गर्भपात के नाम पर नकली दवाएं देती है, साथ में ये भी बोल देती है कि गर्भपात की गारंटी नहीं है। वह ऐसे पैसे कमाती है। डॉक्टरों ने यहां से ग्लूकोज, इंजेक्शन और दवाएं भी बरामद कीं। स्वास्थ्य विभाग ने पूनम के खिलाफ तहसील कैंप चौकी पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने पूनम पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
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