पानीपत। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को रोकने की खातिर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने उद्योगों के लिए ईंधन के तौर पर पीएनजी (पाइप नेचुरल गैस) का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया है। अब समस्या यह है कि उद्यमी समय रहते कनेक्शन लेने की तैयारी कर भी लें तो उन्हें पीएनजी की आपूर्ति नहीं मिल पाएगी। असल में, जिले में पीएनजी की आपूर्ति के लिए सभी औद्योगिक क्षेत्रों में पाइपलाइन नहीं बिछ सकी है।
अब तक केवल सेक्टर-25 और सेक्टर-29 में ही पीएनजी की पाइपलाइन बिछाई गई है। अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया, बरसत रोड और पसीना रोड में पीएनजी पाइपलाइन नहीं बिछी है। उधर, पीएनजी पर आने के लिए उद्योगों को 30 सितंबर तक का वक्त दिया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी उद्यमियों को नोटिस जारी कर दिया है। उद्यमियों का कहना है कि सरकार के पास बॉयलर को पीएनजी संचालित करने के लिए पर्याप्त बर्नर नहीं हैं। ऐसे में सभी उद्योगों को 30 सितंबर तक पीएनजी पर शिफ्ट करना संभव नहीं है। इसमें 40-50 लाख तक का खर्च आएगा। उन्होंने सरकार से इस तिथि को आगे बढ़ाने की मांग की है।
प्रदेश का 64 प्रतिशत हिस्सा और 95 प्रतिशत उद्योग एनसीआर में
उद्यमी पीएनजी की बाध्यता से पलायन करने का मन बना रहे हैं। प्रदेश का 64 फीसदी हिस्सा और 95 प्रतिशत उद्योग एनसीआर में स्थित हैं। इस आदेश से पूरे एनसीआर के उद्योग प्रभावित होंगे। पानीपत से 15 हजार करोड़ का निर्यात होता है। 90 हजार करोड़ का घरेलू टेक्सटाइल उत्पादन यहां होता है। सात लाख श्रमिक कार्यरत हैं। आठ लाख परिवारों के घर चलते हैं। उद्योगों ने पलायन किया तो मुश्किलें बढ़ेंगी।
अन्य प्रदेशों में है सस्ता ईंधन, पीएनजी पड़ेगी महंगी
सूरत, पालनी अहमदाबाद, लुधियाना, कोसी अमृतसर में सस्ता ईंधन प्रयोग होता है। गुजरात में पांच रुपये प्रति किलोग्राम का लिग्नाइट कोयला इस्तेमाल किया जाता है। पंजाब के लुधियाना में 15 रुपये प्रति किलोग्राम का पेटकोक का इस्तेमाल होता है। पीएनसी मिलेगी 58 रुपये प्रति किलोग्राम। ऐसे में उत्पादन लागत बढ़ेगी।
पर्यावरण मंत्री से करेंगे मुलाकात
सेक्टर 29 पार्ट-2 में 250 फैक्टरियां लगी हैं। कुराड़ रोड पर भी उद्योग हैं। वहां कॉमन बायलर की सुविधा दी जाए। इस समस्या के समाधान के लिए सांसद संजय भाटिया के माध्यम से उद्यमी पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर अपना पक्ष रखेंगे।
- भीम राणा, प्रधान, पानीपत डायर्स एसोसिएशन
पीएनजी पाइपलाइन को सभी औद्योगिक क्षेत्रों में बिछाने का काम दो माह में पूरा कर लिया जाएगा। उद्यमियों से अपील है कि पीएनजी की सप्लाई लें।
- क्षितिज कपूर, सहायक निदेशक, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग