जिले में कोरोना के बीच ब्लैक फंगस की समस्या अधिक गहरा गई है। दिल्ली के एम्स अस्पताल से सनौली रोड स्थित निजी अस्पताल में दाखिल कराए गए ब्लैक फंगस के रोगी की मंगलवार रात को मौत हो गई। सेक्टर 13-17 का रहने वाला 53 वर्षीय रोगी पिछले 15 दिन से बीमार था। एमआरआई में वो ब्लैक फंगस का रोगी मिला था। अब स्वास्थ्य विभाग रोगी की हिस्ट्री की जांच कर रहा है। पिछले दो दिन में ब्लैक फंगस से दो लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग अब भी इनकी मौत ब्लैक फंगस से होने की पुष्टि नहीं कर रहा है। विभाग के रिकॉर्ड में सिर्फ एक केस ही ब्लैक फंगस का है। दूसरी ओर बुधवार को भी ब्लैक फंगस के तीन संदिग्ध रोगी मिले हैं। अब तक जिले में 27 रोगी मिल चुके हैं। बुधवार को भी सिविल अस्पताल में 20 लोगों की जांच की गई। इनमें ब्लैक फंगस के दो संदिग्ध रोगी मिले हैं। इन्हें भी जांच के लिए खानपुर रेफर किया गया है।
खानपुर से सिविल सर्जन को नहीं मिल रही रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में अब तक ब्लैक फंगस का मात्र एक ही केस है, जबकि 26 ऐसे मरीजों को रेफर किया गया है, जिनमें ब्लैक फंगस के सभी लक्षण थे। खानपुर में इनकी एमआरआई, बॉयोस्पी व एंडोग्राफी हुई, लेकिन रिपोर्ट में क्या रहा इनकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं है। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी मेहता का कहना है कि हर रोज सिविल अस्पताल में ओपीडी होती है, जो भी संदिग्ध रोगी मिलते हैं, उन्हें खानपुर रेफर कर देते हैं।
खानपुर से अब तक रोगियों की नहीं मिली रिपोर्ट : डॉ. कादियान
लोगों की मौत के कारणों की जांच हो रही है। खानपुर से अब तक किसी रोगी की रिपोर्ट उन्हें नहीं मिली है। जो भी यहां रोगी मिल रहे हैं, जिनमें लक्षण हैं, उनको रेफर कर रहे हैं। लोगों से अपील है कि वो डॉक्टरों के परामर्श को मानें।
डॉ. जितेंद्र कादियान , सिविल सर्जन, पानीपत।