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Panipat News: विकसित भारत युवा संसद प्रतियोगिता में सुषमा ने मारी बाजी

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पानीपत। एसडी पीजी कॉलेज में दो दिवसीय विकसित भारत युवा संसद-2025 में पानीपत की सुषमा ने बाजी मारी। वहीं सोनीपत की रिया ने दूसरा और पानीपत के राकेश कुमार ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सोनीपत से साक्षी आर्य, सिमरन मोर, कीर्ति और भव्या, पानीपत से दिव्या, सौरभ और शिवानी का प्रदेश स्तर के लिए चयन हुआ। ये युवा 31 मार्च को हरियाणा विधानसभा चंडीगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय युवा संसद का हिस्सा बनेंगे।
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विकसित भारत युवा संसद-2025 का रविवार को समापन हो गया। दूसरे दिन डीवाईओ स्नेह लता और एनवाईसी सार्थक कुमार शामिल रहे। निर्णायक वीरेंद्र सोनी, पंजाब नेशनल बैंक के पूर्व चीफ मैनेजर रोशन लाल सचदेवा, करनाल के दयाल सिंह कॉलेज से सहायक प्रोफेसर डॉ. अनीता, देशबंधु राजकीय महाविद्यालय से डॉ. नरेश ढांडा और कैथल के आरकेएसडी काॅलेज से डॉ. अशोक अत्री ने निभाई। डॉ. नरेश ढांडा ने कहा कि विश्व के अनेक देशों अमेरिका, फ्रांस, स्वीडन आदि में एक देश एक चुनाव व्यवस्था सफल साबित हुई है। इसका सबसे अधिक फायदा भारत जैसे विकासशील राष्ट्र को होगा। क्योंकि इससे चुनावी लागत कम होगी और देश के विकसित राष्ट्र बनने का स्वप्न तीव्र गति पकड़ेगा। डॉ. अशोक अत्री ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव होने से मतदाता अधिक जागरूक होंगे और उनकी मतदान में भाग लेने की इच्छा शक्ति मजबूत होगी और इससे मतदाता प्रतिशत में भी अत्यधिक सुधार नजर आएगा। प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के एक साथ होने से राष्ट्र के विकास कार्यों में रुकावट नहीं आएगी। बार-बार आचार संहिता लगने से और सारा ध्यान चुनावों पर आने से देश का विकास रुक जाता है। यदि हमने राजकोष का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करना है तो एक राष्ट्र एक चुनाव को अपनाना ही होगा। प्रतिभागियों में सुषमा ने कहा कि एक देश एक चुनाव से हमारे टैक्स के दिए पैसे की ही बचत होगी। क्योंकि हर पांच साल में लोकसभा चुनाव के साथ-साथ विधानसभा चुनावों का आयोजन पैसे के खर्च को कम करेगा। सौरभ ने कहा कि भारत में कई छोटी पार्टियां हैं जो कि क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ती हैं। ऐसे में एक देश एक चुनाव में छोटी पार्टियों के अस्तित्व पर खतरा पैदा हो जाएगा। एक राष्ट्र एक चुनाव लागू हो परंतु इससे पहले छोटे दलों और उनके हितों को भी ध्यान में रखा जाए। इस अवसर पर डॉ. वीरेंद्र गिल, प्रो. पूजा धींगडा, प्रो. शिल्पा ठाकुर, प्रो. एकता डूरेजा, प्रो. मीतू सैनी, प्रो. किरण मलिक, प्रो. मानवी, प्रो. मधु गुप्ता, जान्हवी गर्ग, डॉ. एसके वर्मा और दीपक मित्तल उपस्थित रहे।
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