पानीपत। हरियाणा सरकार के बजट में किसानों की गन्ने की फसल की पूरी भुगतान करने और प्रदेश में प्रयोगशालाएं लगवाने को लेकर जिले में खुशी है। जिले के किसानों का कहना है कि सरकार ने बजट में अच्छा फैसला लिया, लेकिन सरकार को अनाज मंडी का मॉडिफिकेशन करने और किसानों की पानी की कमी को पूरा करने के लिए कोई नई योजना बनानी थी ताकि किसानों को फायदा मिलता। प्रदेश सरकार ने बजट में हैफेड द्वारा गुड़ इकाइयां स्थापित करने का निर्णय लिया है।
सभी जिलों में दूध और दुग्ध व अन्य खाद्य उत्पादों की जांच के लिए प्रयोगशालाएं स्थापित किए जाने की बात भी कही है। फसल विविधिकरण कार्यक्रम के तहत 20,000 एकड़ फसल विविधिकरण का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को किराये पर मशीनें उपलब्ध करवाने हेतु पांच मशीन बैंक केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
किसानों के मार्गदर्शन के लिए प्रगतिशील किसान कृषि दर्शन कार्यक्रम की शुरूआत की जाएगी। गर्मी सीजन के मक्का की खरीद भी न्यूनतम समर्थम मूल्य पर होगी। नई ग्रामीण संपर्क सड़कों के निर्माण के लिए एचएसएएमबी को 200 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। फसल समूह विकास कार्यक्रम के तहत 100 पैक हाउस की स्थापना की जाएगी।
सरकार को बजट में अनाज मंडियों को मॉडिफाई करना चाहिए था
सरकार को नए बजट में प्रदेश की अनाज मंडियों को मॉडिफाई करना चाहिए था। सरकार को पहले भी कई बार गन्ने की फसल दिलवाने की मांग की जा चुकी है। केवल बजट में बात करने से कुछ नहीं होगा धरातल पर भी करना होगा। सरकार को किसानों की पानी की कमी को भी पूरा करना चाहिए। - सोनू मालपुरिया,जिला प्रधान भाकियू
प्रयोगशालांए बनने से किसानों में खुशी
हर जिले में दूध और दुग्ध व अन्य खाद्य उत्पादों की जांच के लिए प्रयोगशालाएं स्थापित किए जाने की बात भी कही है जो काफी सराहनीय है। प्रयोगशालाओं में दूध व अन्य खाद्य पदार्थों की जांच करने से समय पर सुधार कर लिया जाएगा। - रामस्वरूप फौजी, किसान