संवाद न्यूज एजेंसीपानीपत। स्थानीय जैन मोहल्ला स्थित श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर सहित शहर के सभी जैन मंदिरों में दसलक्षण पर्व के छठे दिवस पर सोमवार को सुगंध दशमी (धूप दशमी) का त्योहार बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने
मंदिरों में भगवान के चरणों में धूप अर्पित की। इससे पूरा वातावरण को महका
दिया। दसलक्षण पर्व के इस छठे दिन को उत्तम संयम धर्म के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया गया।
प्रातः काल की बेला में श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में श्री जी का भव्य अभिषेक व विधान पूजन किया गया। सर्वप्रथम श्रद्धालुओं द्वारा भगवान का अभिषेक व शांतिधारा की धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराई। तत्पश्चात नित्य नियम पूजन के साथ प्रभु भक्ति का दौर शुरू हुआ। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की दशमी को दिगंबर जैन समाज द्वारा धूप दशमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु परिवार सहित घर से धूप लेकर मंदिर पहुंचते हैं और भगवान के दर्शन कर धूप खेते हैं।
श्रद्धालुओं ने भगवान से प्रार्थना की कि धूप की पवित्र खुशबू की तरह उनका जीवन भी हमेशा महकता रहे और वे अपनी आत्मा को पसंद-नापसंद व गुस्से जैसे प्रलोभनों से मुक्त कर संयम की राह पर चल सकें।
अधिवक्ता मेहुल जैन ने बताया कि जैन समाज द्वारा लगभग ढाई सौ वर्षों से भी अधिक प्राचीन धार्मिक परंपराओं को आज भी पूरी निष्ठा के साथ निभाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सुगंध दशमी के पावन अवसर पर भव्य महाआरती (जोत नगर भ्रमण) की गई।
बैंड-बाजों की मधुर धुनों के साथ महाआरती श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से प्रारंभ होकर श्री दिगंबर जैन नेमीनाथ मंदिर (मेन बाजार) पहुंची।
वहां सभी श्रद्धालुओं ने मिलकर मेरी भावना का पाठ किया और भगवान की आरती उतारी। इसके बाद महाआरती श्री दिगंबर जैन मंदिर दुंदीवाला पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने प्रभु भक्ति की। इस दौरान छोटे-छोटे बच्चों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। प्रश्न मंच व लकी ड्रा का आयोजन भी किया गया। अंत में महाआरती वापस श्री दिगंबर जैन मंदिर, जैन मोहल्ला पहुंची। यहां भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा की महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।