पानीपत। गोहाना रोड पर फैंसी लाइटों में आए करंट का तो निगम ने समाधान नहीं किया लेकिन सभी लाइटों से बिजली का कनेक्शन काट कर इनको बंद जरूर कर दिया है। नतीजन आज भी लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी ये लाइटें केवल शो पीस बनकर रह गई हैं। निगम ने केवल गोहाना रोड पर इन लाइटों को लगाने में करीब 72 लाख रुपये खर्च किए थे। जिससे जीटी रोड कट से लेकर नहर बाईपास के पास पानीपत रोहतक रेलवे लाइन तक करीब 100 डेकोरेटिव पोल और फैंसी लाइटें लगाई थी। इनसे गोहाना रोड का करीब तीन किलोमीटर का एरिया तो कवर कर दिया गया लेकिन इनकी सुविधाएं शहरवासियों को नहीं मिल पाई।
इन लाइटों के पोल के नीचे बने केबल बॉक्स आज तक खुले हुए हैं। इनके ऊपर तिरंगा एलईडी लाइटें हैं। जिनके कनेक्शन भी इन केबल बॉक्स से दिए गए हैं। कहीं न कहीं खुली तारों के संपर्क में लोहे के ये पोल भी आ रहे हैं। जिससे इन पोल में करंट आ जाता है। बुधवार रात को ऐसे ही एक पोल में करंट आने की वजह से एक मजदूर की जान चली गई थी। इससे पहले भी करंट लगने के कई बार हादसे हो चुके हैं। जिनमें बेसहारा पशु इसका शिकार बन चुके हैं। गोहाना रोड वेलफेयर एसोसिएशन ने भी इस मुद्दे को लेकर निगम को आड़े हाथों लिया था। बावजूद निगम ने इनमें करंट का समाधान करने की बजाए इन लाइटों के कनेक्शन ही काट दिए। अब ये लाइटें सिर्फ शो पीस हैं और पूरा गोहाना रोड रात को अंधेरे की गिरफ्त में रहता है।
ठेकेदार को पेमेंट नहीं दी, घटिया तार का इस्तेमाल:
नगर निगम ने स्ट्रीट लाइट रिपेयर करने और लगाने वाले कई ठेकेदारों को अब तक भुगतान नहीं किया है। जिसकी वजह से शहर की लाइटें भी रिपेयर नहीं हो पा रही हैं। गोहाना रोड पर लगी इन लाइटों में पहले ठेकेदार ने कम गुणवत्ता वाली तार का भी इस्तेमाल करने का प्रयास किया था लेकिन निगम ने उसको बदलवा दिया था। बावजूद इन तारों के पोल के अंदर से कनेक्शन नहीं किए गए। आज भी इनके केबल बॉक्स खुले पड़े हैं। इस बारे में नगर निगम के इलेक्टिकल जेई गौरव कुमार ने बताया कि लाइटों को रिपेयर करवाया जा रहा है। जल्द ही लाइट चालू होंगी।