पानीपत। आबादी एरिया में घरों के ऊपर से गुजरने वाली, दीवारों के साथ छूकर जाने वाली, एक निर्धारित ऊंचाई से कम झुकी और जर्जर हाईटेंशन तारों को बदलने की तैयारी की जा रही है। उत्तर हरियाणा बिजली विद्युत प्रसारण निगम की जिले भर में फैली खतरनाक हाईटेंशन ताराें को एक बार फिर से शिफ्ट करने की योजना बनाई है। इनमें निगम उन तारों को चिह्नित करेगा जो आबादी एरिया के समीप हैं।
इसके लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता ने जिले भर के सभी एसडीओ को आदेश जारी किए हैं कि वे इसकी सूची बनाकर दें कि उनके एरिया में ऐसी कितनी लाइनें हैं जिनको बदलने की आवश्यकता है। इसके लिए एसई ने सभी एसडीओ को 15 दिन के अंदर रिपोर्ट करने के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा कि किस लाइन को शिफ्ट करना जरूरी है और किसे नहीं।
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2023 में जिले भर से ऐसी ही 133 खतरनाक हाईटेंशन तारों को बदलने की सूची बनाई गई थी। जिनमें 11 केवी वाली 114.28 किलाेमीटर लंबी 125 लाइनें, 33 केवी वाली 10.83 किलाेमीटर लंबी 8 लाइनें शामिल थी। इसमें 11 केवी लाइनाें की शिफ्टिंग के लिए 5.35 कराेड़ और 33 केवी लाइनाें पर 75 लाख रुपये खर्च हुए थे।
अधीक्षण अभियंता का आदेश हैं कि निगम कर्मचारी अपने अपने सब डिवीजन एरिया में धरातल पर जाकर ऐसे लाइनों का निरीक्षण करेंगे। इसमें एसडीओ के अधीन जेई से लेकर फोरमैन, लाइनमैन भी शामिल रहेंगे। आबादी के पास या नीचे हुई लाइन का प्रमाण देना होगा। इसके लिए लाइन की जीपीएस युक्त फोटो और वीडियो भी बनाकर देनी होगी। ताकि लाइन की भोगोलिक स्थिति स्पष्ट हो सके। कर्मचारियों की इस रिपोर्ट को एसडीओ खुद मॉनिटर करेंगे। एक्सईएन अपनी डिवीजन के सभी एसडीओ की रिपोर्ट वेरिफाई करने के बाद एक्सईएन तक पहुंचाएंगे। एक्सईएन एसई को रिपोर्ट प्रेषित करेंगे।
बिजली निगम की सब अर्बन डिवीजन के एक्सईएन आदित्य कुंडू ने बताया कि ऐसी खतरनाक लाइनों की शिकायत आमजन भी निगम में दे सकता है। जिसका निगम अधिकारी भौगोलिक अवलोकन करने के बाद सूचीबद्ध करने का काम करेंगे।