माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की स्पेशल कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट में 14 साल की नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के आरोपी सौतेले पिता को दोषी करार देते हुए 30 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर दोषी को तीन साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। कोर्ट ने एक सप्ताह में इस तरह के मामले में यह दूसरी सजा सुनाई है। इससे पहले दुष्कर्म के एक दोषी को 40 साल की कठोर कारावास की सजा दी गई थी।
उप जिला न्यायवादी मुकेश रंगा ने बताया कि इस संबंध में 17 मई 2024 को एक महिला ने तहसील कैंप थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। महिला ने बताया कि उसने अपने पहले पति को छोड़कर दूसरे युवक के साथ शादी कर ली थी। उसकी पहले पति से एक बेटी है। जिसकी उम्र करीब 14 साल है। उसका दूसरा पति बेटी पर गलत नजर रखता था। अप्रैल 2023 को वह बैंक के एक काम के लिए तरावड़ी गई थी। उसी समय उसका पति बेटी को लेकर दिल्ली चला गया। जहां पर करीब एक माह तक वह उसके साथ रहा। एक माह बाद वह वापस आ गया। एक दिन बेटी ने बताया कि पापा ने उसके साथ गलत काम किया है और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी है। पुलिस ने महिला की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से अदालत में 11 गवाहों को शामिल किया। साथ ही मेडिकल और एफएसएल की रिपोर्ट भी सबूत के तौर पर पेश की गई। अदालत ने वीरवार को आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे 30 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।