माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में जेल में बंद नोमान इलाही के मामले में सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई हुई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरके मेहता की अदालत में मामले से जुड़े गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 जनवरी 2027 की तारीख तय की है।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना (बाजार बेगमपुरा) निवासी नोमान इलाही को पानीपत पुलिस की सीआईए-1 टीम ने मई 2025 में सेक्टर-29 स्थित फ्लोरा चौक के पास से गिरफ्तार किया था। वह पानीपत में रहकर एक निजी सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम कर रहा था।
जांच एजेंसियों को शक था कि नोमान इलाही पाकिस्तान में बैठे आईएसआई हैंडलर्स और आतंकी इकबाल काना के संपर्क में है। जांच एजेंसियों के अनुसार, नोमान भारत-पाकिस्तान तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की गतिविधियों, सैन्य ट्रेनों की आवाजाही और संवेदनशील ठिकानों के वीडियो व खुफिया जानकारियां पाकिस्तान भेज रहा था।
उस पर आरोप है कि इसके बदले उसके बैंक खातों में हवाला के जरिए मोटी रकम ट्रांसफर की जाती थी। पुलिस ने उसके कब्जे से मोबाइल फोन और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए थे। इसके अलावा सेना की रेलवे के माध्यम से की जाने वाली मूवमेंट की फोटो और वीडियो पाकिस्तान में भेजता था। कोर्ट में इस मामले में लगातार सुनवाई चल रही हैं। अगस्त 2025 में सीआईए-1 ने उसके खिलाफ अदालत में 1600 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी।