धागा बनाने में पानीपत का विश्व में नाम चमका है। रंगीन धागा बनाने के मामले में पानीपत ने इटली को पछाड़ दिया है। पानीपत के 70 धागा मिल में हर रोज 10 लाख किलोग्राम धागा बन रहा है। उद्यमियों की धागा और कपड़ा की जरूरत पूरी करने के लिए अनाज मंडी में तीन दिवसीय प्रदर्शनी लगने जा रही है। यह प्रदर्शनी 6 फरवरी से शुरू होगी, जो 8 फरवरी तक चलेगी। बेहतर क्वालिटी के रॉ-मैटेरियल खरीदने बाहर नहीं जा पाने वाले उद्यमियों को इस प्रदर्शनी से लाभ मिलेगा। इसमें पानीपत की कई इंडस्ट्री भी भाग लेने जा रही है। जो धागा के साथ ही होम फर्नीशिंग से जुड़े कपड़े तैयार करती है। नोएडा के विजन कम्युनिकेशन की ओर से आयोजित पानीपत में यह दूसरी प्रदर्शनी होगी। इससे प्रतिनिधि अभिषेक शर्मा और अंकुर गोयल ने बताया कि पानीपत टेक्सटाइल की बहुत बड़ी मंडी है। इसलिए यह प्रदर्शनी लगाई जा रही है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से यहां के उद्यमी विदेश स्तर के माल तैयार करने में मदद मिलेगी, क्योंकि इसमें सूरत, तमिलनाडु, कोलकाता, मुंबई, दिल्ली सहित देश के अन्य हिस्सों के उद्यमी अपने प्रोडक्ट के साथ भाग लेने आ रहे हैं। प्रदर्शनी में धागे, कपड़े और डाई केमिकल की करीब 50 स्टाल लगाई जाएगी। कंबल, कारपेट और चादर के साथ ही होम फर्नीशिंग के प्रोडक्ट में उपयोग किए जाने वाले धागे की प्रदर्शनी लगेगी। साथ ही चादर और होम फर्नीशिंग प्रोडक्ट के कपड़े भी होंगे। चूंकि, डाइंग की बहुत यूनिट है। इसलिए प्रदर्शनी में इसके केमिकल बनाने वाली फैक्ट्री भी भाग लेने आ रही है।
पानीपत में प्रदर्शनी सेंटर की कमी
प्रदर्शनी लगाने वालों ने कहा कि पानीपत टेक्सटाइल की इतनी बड़ी मंडी है, लेकिन एक प्रदर्शनी सेंटर नहीं है, जिसकी बहुत कमी खल रही है। अगर एक प्रदर्शनी सेंटर बनाया जाए तो उद्यमियों को माल की तलाश में बाहर नहीं जाना होगा। अभिषेक ने कहा कि अभी तो माल खरीदने और बेचने दोनों के लिए यहां के उद्यमियों को बाहर जाना पड़ता है। अभिषेक ने बताया कि कपड़ा और धागे बनाने वाली पानीपत की दीप हैंडलूम, एलायंस हैंडलूम, रिलाइबल रिदम ओवरसीज समता यार्न प्रा. लि., भारतलूम टेक्सटाइल, दीप फैब्स, एलीएंस सहित अन्य इंडस्ट्री इस प्रदर्शनी में पानीपत का गौरव बढ़ाएगी।