फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विश्व हाइपरटेंशन दिवस पर विशेष: हाइपरटेंशन का हैं शिकार तो कोरोना से बचने में एहतियात ही रामबाण

विज्ञापन
विज्ञापन
कुशाग्र मिश्रा
विज्ञापन

पानीपत। अगर आपको हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) है तो कोरोना की चपेट में आने से बचने के लिए एहतियात बरतना ही एक मात्र उपाय है। प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना वायरस के प्रति एंटीबॉडीज बनने का पता लगाने के लिए कराए गए सीरोलॉजिकल सर्वे में सामने आ चुका है कि हरियाणा में विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त रोगियों में से हाइपरटेंशन के रोगी सबसे ज्यादा 28.62 फीसदी हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में आ रहे हाइपटेंशन समेत अन्य बीमारियों से ग्रस्त रोगियों में वायरस गंभीर स्थिति तक पहुंच रहा है, ज्यादातर मामलों में मौत हो रही है। हरियाणा में हाइपरटेंशन की स्थिति पर सोनीपत स्थित बीपीएस गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज फॉर वुमेन के मेडिसिन और कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग की ओर से एक अध्ययन किया गया। मार्च 2019 में इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कम्यूनिटी मेडिसन और पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित 309 लोगों पर किए गए अध्ययन के मुताबिक 18.4 फीसदी लोगों में प्री-हाइपटेंशन की स्थिति मिली, यानि वह हाइपरटेंशन से ग्रस्त होने के मुहाने पर खड़े हैं। वहीं 21.4 फीसदी लोग हाइपटेंशन से ग्रस्त मिले। यह स्थिति 45 से 55 वर्ष के लोगों में अधिक देखने को मिली। वहीं इटली और चीन में हुए शोधों की बात करें, तो उनके मुताबिक 60 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग दो-तिहाई लोग हाइपरटेंशन से ग्रस्त हैं। इनमें से 99 फीसदी लोग कोरोना वायरस से ग्रस्त हुए और 76 फीसदी की मौत हो गई।
विज्ञापन

कोरोना की चपेट में आने और गंभीर होने का भी खतरा ज्यादा
जब कोई हाइपरटेंशन या किसी अन्य बीमारी जैसे कि डायबिटीज या हृदय संबंधी बीमारी हो, उनकी दवाएं लगातार चलती हैं। उनके शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता, एक स्वस्थ व्यक्ति के मुुकाबले थोड़ी कमजोर होती है। ऐसे में हाइपरटेंशन समेत अन्य रोगों से ग्रस्त मरीजों को कोरोना वायरस जल्दी अपनी चपेट में लेता है। इतना ही नहीं इन लोगों में कोरोना के गंभीर स्थिति में पहुंचने का खतरा भी अधिक रहता है।
-डॉ. वेद प्रकाश, फिजिशियन, अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन पानीपत
इसलिए हाइपरटेंशन के रोगियों के लिए घातक है कोरोना
हाइपरटेंशन, जिसे हाई ब्लडप्रेशर और उच्च रक्तचाप के नाम से भी जाना जाता है, शरीर की धमनियों को नुकसान पहुंचाता है। हृदय तक रक्त के प्रवाह को धीमा कर देता है। हृदय को पूरे शरीर में खून पहुंचाने के लिए अधिक मेहनत यानी सामान्य से अधिक पंपिंग करनी पड़ती है। एक स्थिति ऐसी आती है कि हृदय शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त खून पंप नहीं कर पाता है। इस स्थिति में कोरोना वायरस के आक्रमण से खतरा बढ़ जाता है। कोरोना से मायोकार्डिटिस (हृदय की मांसपेशी) में सूजन आ जाती है। हृदय धमनियों में खून पंप नहीं कर पाता है। धमनियों में भी ब्लॉकेज होता है, जिससे हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है।
विज्ञापन

हाइपरटेंशन के रोगी हर हाल में घर पर हीं रहें
डॉक्टरों के मुताबिक कोरोना से बचाव के लिए हाइपरटेंशन के रोगी हर हाल में घर पर ही रहें। अन्य लोगों के संपर्क में न आएं। भीड़ में और बीमार लोगों के पास न जाएं। अगर किसी सार्वजनिक स्थान पर जाना पड़ ही जाए तो कम से कम 6 फीट की दूरी अवश्य बनाकर रखें। फेस मास्क हर वक्त पहनें। हाथों को नियमित अंतराल पर साबुन और गर्म पानी से धोएं। घर रहते हुए ऐसी कोई भी वस्तु, जिसे कई लोग छूते हैं और आपको भी बार-बार छूने की आवश्यकता पड़ती हो, उसे नियमित अंतराल पर दिन में कई बार सैनिटाइज करें। जैसे कि दरवाजों के हैंडल आदि। स्विच ऑन या ऑफ करने के लिए माचिस की तीली का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसे स्विच ऑन या ऑफ करने के बाद फेंक दें।
सीरोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक प्रदेश में रोगियों का प्रतिशत
हाइपरटेंशन 28.62
डायबिटीज 21.55
एक से अधिक रोग 20.31
श्वसन रोगी 07.13
हृदय रोगी 06.17
एनेमिक रोगी 05.07
थायरॉइड रोगी 04.04
न्यूरोलॉजिकल रोगी 01.85
अन्य रोगी 01.57
मांसपेशी एवं हड्डी संबंधी रोगी 01.02
लीवर रोगी 0.96
कैंसर रोगी 0.82
किडनी रोगी 0.41
पेट एवं आंत संबंधी रोगी 0.41
सीरोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक जिले में हाइपटेंशन के रोगियों का प्रतिशत
अंबाला 3.18
भिवानी 2.90
चरखी दादरी 7.02
फरीदाबाद 6.94
फतेहाबाद 2.8
गुुरुग्राम 4.1
हिसार 2.2
झज्जर 1.9
जींद 1.3
कैथल 0.27
करनाल 1.3
कुरुक्षेत्र 3.7
महेंद्रगढ़ 3.87
नूह 1.9
पलवल 4.24
पंचकूला 13.33
पानीपत 3.8
रेवाड़ी 3
रोहतक 36.9
सिरसा 1.3
सोनीपत 2.8
यमुनानगर 7.3
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें