फुटबाल टीम की पूर्व कप्तान एवं गेम इन गेम पुस्तक की लेखिका सोना चौधरी
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फुटबाल टीम की पूर्व कप्तान एवं गेम इन गेम पुस्तक की लेखिका सोना चौधरी ने कहा कि आरक्षण आंदोलन में 35 बनाम एक का नारा देने वालों ने समाज का विघटन किया है। इसका खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को भी भुगतना पड़ सकता है।
उन्होंने ये बात शुक्रवार को हाली पानीपती ट्रस्ट के पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कही।
हाली पानीपती ट्रस्ट की ओर से उनको सद्भावना दूत की उपाधि से सम्मानित किया। सोना चौधरी ने कहा कि गत दिनों प्रदेश में हुए आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा ने समाज में सामाजिक व नैतिक खाई पैदा हुई है। अब पुरानी बातों को भूलकर इस खाई को पाटने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई एक वर्ग दोषी नहीं है, बल्कि सरकार की भी कई मामलों में कमी रही है।
सरकार को आरक्षण खत्म कर मैरिट आधार पर नौकरी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। युवाओं को सही दिशा में ले जाने की जरूरत है। आज का युवा रोजगार न मिलने पर तनाव में है। सरकार को उनको रोजगार देने के मौके देने चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी कोटे में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।
हाली पानीपती ट्रस्ट के महासचिव राम मोहन राय, भगत सिंह से दोस्ती मंच के संयोजक दीपक कथूरिया, माता सीता रानी सेवा संस्था की अध्यक्ष कृष्णा कांता, समाजसेवी डॉ. शंकर लाल शर्मा, नरेंद्र सिंह, नसीम अहमद, हाली अपना स्कूल की मुख्याध्यापिका इंदु बाला अवस्थी, विद्युल एकेडमी की निदेशिका बबली अग्रवाल व परामर्शदात्री सुनीता आनंद मौजूद रहे।