पानीपत। सोमवती अमावस्या आज है। इस दिन दान पुण्य से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होगी। यह दिन बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि इससे जातक को जीवन में कभी भी अन्न और धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है।
पंडित प्रवीण शास्त्री ने बताया कि पौष माह की अमावस्या के दिन सोमवार अमावस्या पड़ रहा है। ऐसे में इसे सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाएगा। इस दिन श्रीहरि और महादेव के संग तुलसी पूजा का विधान है।
हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा पूजनीय है। मान्यता है कि सच्चे मन से तुलसी की उपासना करने से धन में वृद्धि होती है। इसके साथ मां लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है। उनहोंने बताया कि पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का प्रारंभ 30 दिसंबर को सुबह 4:01 बजे होगा। यह अगले दिन 31 दिसंबर को सुबह 03:56 बजे तक रहेगी। ऐसे में 30 दिसंबर को सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी। अमावस्या के दिन बाल काटना या धोना व नाखून नहीं काटना चाहिए।
ऐसा माना जाता है कि इन कामों को करने से जातक को जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे करें पूजन: पौष माह की अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण करें। सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें और मंदिर की सफाई कर अपने ईष्ट देवों की दीपक जलाकर पूजा करें। पितरों की शांति प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें।
तुलसी के पौधे में जल दें और कुमकुम का तिलक लगाएं। सोलह श्रृंगार की चीजें अर्पित करें। इसके साथ फूलों की माला चढ़ाएं। अंत में फल और मिठाई आदि चीजों का भोग लगाएं।