पानीपत। 48 करोड़ की लागत से बनकर तैयार जिला नागरिक अस्पताल में संसाधनों के रखरखाव की व्यवस्था विभागीय लापरवाही से बिगड़ गई है। अस्पताल के पार्क और शौचालय की स्थिति पहले से खराब है। अब छत की फॉल सिलिंग गिरने के साथ लिफ्ट भी खराब होने लगी है। पिछले 14 दिन में तीन हादसे हो चुके हैं। ऐसे में मरीजों और तीमारदारों को हादसे का डर सताने लगा है।
जिला नागरिक अस्पताल में हर रोज ओपीडी में करीब 1500 और आपातकालीन वार्ड में करीब 700 मरीज पहुंचते हैं। मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए पिछले दिनों 41 करोड़ की लागत से आईसीयू तैयार किया है। इससे पहले नवंबर 2018 में लगभग 48 करोड़ की लागत से जिला नागरिक अस्पताल बनकर तैयार हुआ था। इतनी मोटी राशि लगने के बाद अस्पताल में पिछले दिनों से लगातार हादसे हो रहे हैं। ऐसे में मरीजों व तीमारदारों को सुरक्षित माहौल नजर नहीं आ रहा है। मरीज हर बार किस्मत से बच रहे हैं। पिछले दिनों एसी में लगी आग के दौरान भी एक मरीज किस्मत से बच गया था। यहीं स्थिति बुधवार को आईसीयू में फॉल सीलिंग टूटने के वक्त हुआ। उस वक्त भी एक मरीज को कुछ देर पहले चिकित्सक जांच के लिए ले जाया गया था।
सात साल पूरे होने से पहले ही अस्पताल की हालात बिगड़ने लगे हैं। 15 दिन में ही अस्पताल में कई हादसे हो चुके हैं। 14 दिन पहले अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर के कमरे की एसी में आग लग गई। उस समय कमरे ऑपरेशन की तैयारी चल रही थी लेकिन आग लगने से अफरा-तफरी मच गई और ऑपरेशन को रोकना पड़ा।
इसका मुख्य कारण एसी का पुराना होना व बिजली की समस्या बताई जा रही है। बुधवार को सुबह आठ बजे ऑफिसर लिफ्ट खराब होने के कारण एक एक चिकित्सक व एक तीमारदार लिफ्ट में फंस गए।
लगभग आधे घंटे के बाद लिफ्ट ठीक हो पाई जिससे डॉ. व तीमारदार लिफ्ट से बाहर निकल पाए। वहीं आईसीयू की सिलिंग फॉल गिर गई। उस समय आईसीयू में कोई मरीज या चिकित्सक न होने से जान-माल ही हानि नहीं हुई।