पानीपत। नशा नाश है, नशे के आदती इंसान अपनों के साथ साथ दूसरों का भी नाश कर देता है। नशे में सोचने समझने की शक्ति प्रभावित होती है। नशे के कारण जिले में सैकड़ों परिवार उजड़ चुके हैं।
हजारों युवक नशा की तस्करी व नशे में आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के बाद जेल भी काट रहे हैं। इनके विपरीत समाज में ऐसे भी उदाहरण हैं, जिन्होंने नशे को हराया और अब वह दूसरों के लिए उदाहरण पेश कर रहे हैं।
करहंस गांव का 52 वर्षीय किसान, डाहर गांव का 35 साल का युवक व बाबरपुर का एक निजी कंपनी में काम करने वाला युवक इसका उदाहरण है। जिन्होंने लाखों रुपये नशे के लिए खराब कर दिए। जमीन तक बेच दी। समाज की उपेक्षा झेली। अब नशे को त्यागकर दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।