पानीपत। निपुण मिशन के अंतर्गत प्राथमिक शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जाएंगे। यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों के लर्निंग लेवल के अनुसार उन्हें उपचारात्मक शिक्षा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों के कौशल में सुधार करना और निपुण हरियाणा के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करना है। खंड वार आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी।
हरियाणा शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार के लिए इस सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम की घोषणा की गई है। प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 9:30 से शाम 4:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा और यह ऑफलाइन फेस-टू-फेस मोड में रहेगा।
शिक्षक अनुपस्थित रहने पर स्कूल मुखिया की होगी जिम्मेदारी
सितंबर और दिसंबर माह में राजकीय स्कूलों में सेंसस यूपिंग का कार्य किया था, इसके आधार पर विद्यार्थियों को स्पोर्टेड, रिकॉग्नाइज्ड और एक्सीलेंट श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। अब शिक्षकों को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा कि वे इन श्रेणियों के अनुसार विद्यार्थियों को विशेष उपचारात्मक सहायता कैसे प्रदान करें। प्रत्येक बैच में 40 प्रतिभागी शामिल होंगे जिन्हें विभाग से प्रशिक्षित दो रिसोर्स पर्सन प्रशिक्षण देंगे। यदि कोई शिक्षक बिना ठोस कारण के प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहता है तो इसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल मुखिया की होगी। प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद शिक्षकों को अपना प्रमाणपत्र स्कूल मुखिया के पास जमा कराना भी अनिवार्य रहेगा। शीतकालीन अवकाश के दौरान प्राथमिक शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। विद्यार्थियों को दक्ष बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी।
शिक्षकों को अपनी उपस्थिति एप या क्यूआर कोड के माध्यम से दर्ज करनी होगी। केवल उन्हीं शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा जिनकी दोनों दिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होगी और जो प्री-टेस्ट व पोस्ट-टेस्ट में अनिवार्य रूप से भाग लेंगे। एक दिन की भी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न होने पर प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा।
- सुभाष चंद्र, डीईईओ।