पानीपत। इसराना की 16 वर्षीय दुर्गा जागलान अपने दमखम और निरंतर अभ्यास के बल पर कराटे में जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। कम उम्र में ही दुर्गा ने कराटे के मैदान में उपलब्धियां हासिल की हैं।
दुर्गा अब तक जिला स्तर पर कराटे में नौ स्वर्ण पदक अपने नाम कर चुकी हैं, इसके अलावा उन्होंने तीन बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। उन्होंने तीन बार स्कूली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है। इतना ही नहीं, दुर्गा चार बार हरियाणा स्टेट कराटे चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक हासिल कर चुकी हैं।
हाल ही में नवंबर में सोनीपत जिले के खरखोदा में आयोजित हरियाणा ओलंपिक खेलों में भी दुर्गा ने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी सफलता की सूची में एक और उपलब्धि जोड़ ली। लगातार मिल रही इन सफलताओं ने दुर्गा को जिले की उभरती हुई कराटे खिलाड़ी के रूप में पहचान दिलाई है।
दुर्गा फिलहाल इसराना स्थित सरकारी स्कूल में 11वीं कक्षा की छात्रा हैं और पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी पूरी गंभीरता से आगे बढ़ा रही हैं। पारिवारिक परिस्थितियां आसान नहीं रहीं। दुर्गा के पिता प्राइवेट नौकरी करते हैं, जबकि उनकी मां का निधन हो चुका है। मां के साए के बिना पली-बढ़ी दुर्गा के जीवन में उनके दादा महेंद्र सिंह एक मजबूत स्तंभ बनकर खड़े रहे हैं। महेंद्र सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। दुर्गा के कराटे कॅरिअर को संवारने में उनके दादा का योगदान सबसे अहम रहा है।
दादा महेंद्र सिंह न सिर्फ दुर्गा को अभ्यास के लिए प्रेरित करते हैं, बल्कि कराटे से जुड़ा सारा खर्च भी स्वयं उठाते हैं। उन्होंने बताया कि पोती में शुरू से ही कुछ अलग करने की लगन दिखी, इसलिए उन्होंने ठान लिया कि चाहे जितनी भी मेहनत करनी पड़े, दुर्गा के सपनों को टूटने नहीं देंगे।