सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिले में सड़क सुरक्षा के तहत ब्लैक स्पॉट और तीव्र मोड़ों को चिह्नित किया जाएगा। जहां पर दो से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, उन क्षेत्रों को दुर्घटना संभावित क्षेत्र घोषित कर साइन बोर्ड लगवाए जाएंगे। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन की बुधवार को लघु सचिवालय में बैठक हुई, जिसमें यह निर्णय लिया गया। सभी ब्लैक स्पॉट और तीव्र मोड़ों की रिपोर्ट पुलिस, आरटीए और वन विभाग की ओर से निरीक्षण के बाद अगली बैठक में सौंपी जाएगी। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी, एसडीएम पानीपत स्वप्निल पाटिल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बरसत रोड पर बढ़ाई जाएगी ग्रिल की ऊंचाई
बरसत रोड और मलिक पैट्रोल पंप के सामने जीटी रोड पर ग्रील की ऊंचाई बढ़ाने का आदेश एलएंडटी के प्रतिनिधियों को दिया गया। वहीं नगर निगम को सेक्टर-25 में गंदे नाले के पास में सड़क की एक तरफ ग्रील लगाने को कहा गया।
सड़कों के गड्ढों को भरने का आदेश
सेक्टर-25 और सेक्टर 11-12 में विभिन्न स्थानों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं, इनका पैचवर्क कराने का आदेश दिया गया है। गोहाना रोड पर नहर के पास दुर्घटना संभावित एरिया है, इस पर सिंचाई विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है।
जुलाई और अगस्त में सड़क हादसों में हुईं मौतें बनी चिंता
एडीसी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि अगस्त में जिला में 35 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 23 लोग घायल हुए और 16 ने जान गंवाई। जुलाई में 53 दुर्घटनाओं में 29 की मौत हुई।
आठ प्रदूषण जांच केंद्रों का किया गया चालान
जिला में कुल 48 प्रदूषण जांच केंद्र हैं। जिनका निरीक्षण किया गया और पाया गया कि आठ केंद्र नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, इनका चालान किया गया।
सड़क हादसों को रोकने के लिए विस्तृत प्लान बनाकर लागू किया जाएगा। सड़क सुरक्षा बेहद जरूरी और जिला प्रशासन की प्राथमिकता में है।
-धर्मेंद्र सिंह, जिला उपायुक्त और सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष