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Panipat News: दुर्गाष्टमी पर बन रहा शिववास योग, कंजक पूजन की तैयारी पूरी

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पानीपत। चैत्र नवरात्र में दुर्गा अष्टमी शनिवार को होगी। कंजक पूजन के समान की खरीदारी के लिए शुक्रवार को बाजार में पूरे दिन भीड़ लगी रही। लोगों ने कंजक पूजन के लिए उपहार की भी खरीदारी की। वहीं प्राचीन देवी मंदिर में अष्टमी पर माता के दर्शनों के लिए भी बेहतर व्यवस्था की गई है।
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गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संचालक डॉ. रामराज कौशिक ने बताया कि इस वर्ष दुर्गाष्टमी पर ग्रह नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। दुर्गाष्टमी पर मां दुर्गा की कृपा सब पर खूब बरसेगी। दुर्गा अष्टमी पर शिववास योग का होना शुभ माना जा रहा है। शिववास योग निशा काल में है। इस दिन सुकर्मा योग और पुनर्वसु नक्षत्र भी है। दुर्गाष्टमी पर माता की पूजा विधि-विधान के साथ करने से माता की विशेष कृपा प्राप्त होती है। वैदिक पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि चार अप्रैल को रात 8:12 पर शुरू होगी और पांच अप्रैल को शाम 7:26 पर समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार दुर्गा अष्टमी पांच अप्रैल को मनाई जाएगी। दुर्गाष्टमी के लिए बाजार में चहल-पहल बढ़ गई है। लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार कंजकों को भोजन करा उपहार भेंट करते हैं। इसके लिए शुक्रवार को बाजार में सुबह से शाम तक बाजार में भीड़ रही।
डॉ. रामराज ने बताया कि प्राचीन सिद्ध देवी मंदिर में दुर्गाष्टमी के लिए माता के दर्शन के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। लोगों को कतार के लिए व पेयजल की व्यवस्था की जा चुकी है। दुर्गाष्टमी पर पूरा दिन पुलिस व सुरक्षागार्ड तैनात रहेंगे। दुर्गाष्टमी पर ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। शुद्ध स्वच्छ कपड़े पहने और मां दुर्गा का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थान को साफ करें और मां के सामने घी का दीपक जलाएं। कंजकों को भोग लगाकर प्रसाद वितरित करें। दुर्गाष्टमी पर उपासना मंत्र सर्वमङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके, शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमो स्तुते का जप करें। मंत्र का जाप करने से माता दुर्गा प्रसन्न होती हैं और श्रद्धालु की मनोकामना पूरी करती हैं।
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