शहरवासियाें को जल्दी जर्जर तारों से निजात मिलने वाली है। बिजली निगग ने शहर में जर्जर तारों के जाल को बदलने की योजना बनाई है। इनके स्थान पर प्लास्टिक चढ़ी एलटीएबी (लो टेंशन एरियल बंच्ड) वायर लगाई जाएगी।
इसके लिए जर्जर तारों की लंबाई और उनके बदलने में आने वाले खर्च की सूची तैयार करके हेड आफिस भेज दी है। अधिकारियों का दावा है कि को जल्दी ही पूरा किया जाएगा।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने शहरवासियाें की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जर्जर तारों को बदलने की योजना बनाई है। कार्य को पूरा करने के लिए ऐसी तारों की लंबाई का एस्टिमेट तैयार कर लिया है।
करीब सवा दो करोड़ होंगे खर्च
निगम के अनुसार जर्जर तारों की लंबाई करीब आठ सौ किलोमीटर बनती है। तारों को बदलने में निगम को करीब सवा दो करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे। एस्टिमेट को मंजरी मिलते ही निगम योजना को पूरा करने के लिए काम शुरू कर देगा।
हादसे होने का रहता है खतरा
जर्जर तारों से हादसे होने का खतरा बना रहता है। कई बार लोग भी ऐसी तारों की समस्या से मुक्ति पाने के लिए निगम कार्यालयों के चक्कर लगाते रहते हैं। आंधी, तूफान और बारिश के मौसम में खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। इसके अलावा कई बार लोडेड वाहनों की बॉडी छू जाने से तारों से निकली चिंगारी के कारण सामान भी नष्ट होे जाता है। इसके अलावा वाहनों में करेंट आने से जान को जोखिम भी बढ़ जाता है। औद्योगिक नगरी होने के कारण लोडेड वाहन भी शहर में चलते हैं। वाहन तारों को छू जाने के कारण कई बार भारी नुकसान भी चुके हैं। तारें बदल जाने के बाद इस तरह के हादसे होने की
बिजली चोरी भी रोकी जा सकेगी
खुले तारों में उपभोक्ता जगह-जगह तार लगा लेते हैं। इस बात का कुंडी लगाने वाले भी भरपूर भरपूर लाभ उठाते हैं। इससे लाइन लोस होता है। एलटीएबी वायर लग जाने के बाद इस तरह के कुंडी कनेक्शनों से भी मुक्ति मिलेगी। कुंडी कनेक्शनों के कारण लाइन और ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ने के कारण इनके फुकने की आशंका बनी रहती है। इससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी होती है।
वर्जन
जिस भी क्षेत्र में जर्जर तारें वहां के संबंधित उपभोक्ता इनके बारे में लिखित शिकायत कर सकते हैं। ऐसी तारों को बदला जाएगा। इसके अलावा निगम अधिकारी व कर्मचारी भी जर्जर तारों को चिंहित कर रहे हैं। जल्द ही शहर वासियों को ऐसी तारों से मुक्ति मिलेगी।
एमएस दहिया, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम, पानीपत सर्कल