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17 साल से छह फीट दफन करोड़ों रुपये का सीवर प्रोजेक्ट खुदाई में आया बाहर

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पानीपत। वार्ड नंबर-3 के तहसील कैंप में करोड़ों रुपये की लागत का एक सीवरेज प्रोजेक्ट पिछले 17 सालों से जमीन में दफन था। अब खुदाई में यह सीवर लाइन बाहर आ गई है। नगर निगम की टीम वार्ड में पहुंचकर लोगों से पूछती है कि यहां कभी सीवर लाइन तो नहीं बिछाई गई, जिसके बाद खुदाई शुरू की जाती है। इस खुदाई में सीवर लाइन निकल रही है। हैरानी की बात है कि करीब दो दशक पहले बिछाई गई इस सीवर लाइन से एक भी घर में कनेक्शन नहीं है। इस सीवर लाइन का पता तब चला जब एक कॉलोनी वासी ने इस प्रोजेक्ट की जिला प्रशासन, नगर निगम और पब्लिक हेल्थ से जानकारी मांगी।
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सभी विभाग सीवर लाइन प्रोजेक्ट की जानकारी नहीं दे पाए और बात मुख्यालय तक पहुंच गई। इसके बाद पब्लिक हेल्थ विभाग ने तहसील कैंप की इन गलियों की खुुदाई शुरू करवा दी। मौके पर जमीन के छह फीट नीचे सीवर लाइन बिछाई मिली। गली के दो फीट नीचे सीवरेज सिस्टम के मैनहोल के ढक्कन तक मिले। अब इन पुराने ढक्कनों को हटाकर नए ढक्कन लगाए जा रहे हैं। इन ढक्कनों को इस हिसाब से ऊंचा करके लगाया जा रहा है, ताकि ये गली के लेवल तक आ जाएं। वहीं, कॉलोनी के लोगों ने इस प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपये की धांधली का ठीकरा पब्लिक हेल्थ और निगम अधिकारियों के सिर फोड़ा है।
खास बात ये है कि इस मामले में शिकायतकर्ता ने जब सूचना न मिलने पर मुख्यालय को अपील की तो मुख्यालय की तरफ से जानकारी देने वाले और जन स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को तलब किया गया। जिसमें अपीलकर्ता तो पहुंचे, लेकिन विभाग की तरफ से कोई हाजिर नहीं हुआ। इसके बाद मुख्यालय ने एक्सईएन जन स्वास्थ्य विभाग को 12 दिन का नोटिस तक दिया है।
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ऐसे जागा विभाग
वार्ड नंबर-3 सुधीर नगर निवासी नरेश वर्मा ने बताया कि उनके एरिया में 2004 में सीवर लाइन बिछाई गई थी, जो 2021 तक 17 साल बाद भी चालू नहीं हुई। इस संबंध में उन्होंने नगर निगम आयुक्त को आरटीआई लगाई, लेकिन जानकारी नहीं मिली। जिसकी सूचना उपायुक्त पानीपत को देते हुए जानकारी की मांग की। इस संदर्भ में उपायुक्त की तरफ से जवाब मिला कि इसकी जानकारी के लिए वे संबंधित विभाग के पास जाएं। इसके बाद राज्य सूचना आयोग को अपील की गई। यहां से करनाल जन स्वास्थ्य विभाग को पत्राचार किया गया। यहां से पानीपत पब्लिक हेल्थ को संबंधित जानकारी के निर्देश दिए गए। जिसके बाद दूसरी अपील में अपीलकर्ता और एक्सईएन सीवरेज विंग जन स्वास्थ्य विभाग को तलब किया गया लेकिन अभी तक न तो निगम और न ही पब्लिक हेल्थ विभाग इसकी कोई जानकारी नहीं दे पाया है।
नहीं मिली जानकारी, लेकिन काम चालू
अपीलकर्ता ने जानकारी मांगी थी कि 2004-05 में तहसील कैंप जाटू चौक से सुधीर नगर मंशा राम हाई स्कूल तक सीवर लाइन बिछाई गई थी। इसका निर्माण कितनी लागत में हुआ। इसकी कितनी लंबाई थी। इसमें से कितने घरों को कनेक्शन जारी किए गए। खरीदे गए पाइप की पूरी जानकारी, प्रोजेक्ट की पूरी समयावधि, सीवर पाइप का साइज, इसके ऊपर से गलियों को कितने बार बनाया गया आदि। इसकी किसी भी विभाग ने कोई जानकारी नहीं दी लेकिन अब सीवर लाइन की मरम्मत का काम चालू जरूर करवा दिया है।
एक ऐसा प्रोजेक्ट जो जमीन के 6 फीट नीचे 17 साल से दबा हुआ है। इस पर करोड़ों खर्च का अनुमान है पर इसका आज तक किसी को फायदा नहीं हुआ। ये सब बड़े घोटाले की तरफ इशारा कर रहा है। इसकी जानकारी तक विभाग नहीं दे रहा। या तो उनके पास रिकार्ड ही नहीं है, अगर है तो बड़े घोटाले का पर्दाफाश न हो इसलिए बचाव कर रहे हैं। - नरेश वर्मा, अपीलकर्ता, निवासी सुधीर नगर।
ये प्रोजेक्ट काफी पुराना है। इसकी अभी कोई जानकारी नहीं है। इसका रिकार्ड देखने के बाद ही असलियत पता चल सकेगी कि ये प्रोजेक्ट कब किसने और कितनी लागत में तैयार करवाया था। हालांकि अभी इस लाइन का मरम्मत का काम जारी है, जोकि एक रूटीन काम है। - संजय शर्मा, एक्सईएन, सीवरेज विंग, जन स्वास्थ्य विभाग।

पानीपत। खुदाई के बाद यह मिले सीवर मैनहोल का फोटो।- फोटो : Panipat

पानीपत। सीवर लाइन के ढक्कन को दो फुट ऊपर उठाया गया।- फोटो : Panipat

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